Mathura News: मथुरा में हुआ ऐतिहासिक शुभारंभ, अब कैशलेस होगा शिक्षकों का इलाज, जाने किस तरह मिलेगा लाभ

Newzo

• 03:54 PM • 08 Jul 2026

Teacher Health Scheme News: मथुरा में मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ हुआ. अब सरकारी विद्यालयों के शिक्षक और उनके आश्रित सूचीबद्ध अस्पतालों में 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज करा सकेंगे. कार्यक्रम में डीबीटी के माध्यम से आर्थिक सहायता भी वितरित की गई और योजना की विस्तृत जानकारी दी गई.

मथुरा में हुआ ऐतिहासिक शुभारंभ, अब कैशलेस होगा शिक्षकों का इलाज, जाने किस तरह मिलेगा लाभ

मथुरा में हुआ ऐतिहासिक शुभारंभ, अब कैशलेस होगा शिक्षकों का इलाज, जाने किस तरह मिलेगा लाभ

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Mathura News: शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश सरकार की एक और बड़ी पहल बुधवार को मथुरा के डेमपियर नगर स्थित पाञ्चजन्य प्रेक्षागृह में साकार हुई. मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी की अध्यक्षता में "मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ एवं डीबीटी वितरण कार्यक्रम" बड़े उत्साह के साथ आयोजित किया गया.

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कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुआ. मंच पर जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, बेसिक शिक्षा अधिकारी सहित जनपद के वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षक संघों के पदाधिकारी और सैकड़ों की संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे. पूरे प्रेक्षागृह में शिक्षकों का जोश देखते ही बन रहा था.

5 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार

अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माता हैं. उनके स्वास्थ्य की चिंता करना सरकार का दायित्व है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शुरू की गई "मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना" इसी सोच का परिणाम है. इस योजना के तहत अब प्रदेश के सरकारी विद्यालयों के शिक्षक और उनके आश्रित परिवार सूचीबद्ध अस्पतालों में 5 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार करा सकेंगे. इलाज के लिए शिक्षकों को अपनी जेब से पैसा नहीं लगाना पड़ेगा. इसके लिए सरकार सीधे अस्पताल को भुगतान करेगी.

बिल जमा कर प्रतिपूर्ति के लिए महीनों इंतजार खत्म

मंत्री जी ने कहा कि पहले शिक्षकों को इलाज के बाद बिल जमा कर प्रतिपूर्ति के लिए महीनों इंतजार करना पड़ता था. नई व्यवस्था से यह परेशानी पूरी तरह खत्म हो जाएगी. उन्होंने इसे "शिक्षक सम्मान की दिशा में क्रांतिकारी कदम" बताया. कार्यक्रम की सबसे खास बात डीबीटी यानी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से आर्थिक सहायता का वितरण रही. मंच से मंत्री ने प्रतीकात्मक रूप से कई शिक्षकों के खातों में बीमारी, मातृत्व अवकाश और अन्य भत्तों की धनराशि ट्रांसफर की. लाभार्थी शिक्षकों ने सरकार का आभार जताया और कहा कि समय पर मिली मदद से उन्हें बड़ी राहत मिली है.

शिक्षकों को मिलेगी सामाजिक सुरक्षा 

इस अवसर पर अधिकारियों ने योजना की कार्यप्रणाली, पात्रता, सूचीबद्ध अस्पतालों और हेल्पलाइन नंबर की विस्तृत जानकारी दी. शिक्षकों को योजना का ई-कार्ड और पंजीकरण प्रक्रिया की बुकलेट भी वितरित की गई. तकनीकी टीम ने लाइव डेमो के जरिए बताया कि किस तरह मोबाइल ऐप और पोर्टल से अस्पताल में सीधे प्रमाणीकरण होगा. शिक्षक नेताओं ने सरकार के इस निर्णय को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इससे शिक्षकों को सामाजिक सुरक्षा मिलेगी और वे बिना चिंता के अपना ध्यान बच्चों के भविष्य पर लगा पाएंगे.

कार्यक्रम के अंत में सभी ने संकल्प लिया कि स्वस्थ शिक्षक ही स्वस्थ और सशक्त पीढ़ी का निर्माण कर सकते हैं. मथुरा जनपद से शुरू हुई यह पहल प्रदेश भर के लाखों शिक्षकों के लिए संजीवनी साबित होगी.