Chandauli News: मुगलसराय में साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़, एक आरोपी गिरफ्तार, 21 डेबिट कार्ड और 4 मोबाइल बरामद

Newzo

• 04:19 PM • 30 Jul 2026

Chandauli Cyber Crime: मुगलसराय में साइबर ठगी गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया. उसके कब्जे से 21 डेबिट कार्ड, चार मोबाइल और अन्य डिजिटल साक्ष्य बरामद हुए. जांच में कई राज्यों से जुड़ी साइबर ठगी की कड़ियां सामने आईं. पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है.

मुगलसराय में साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़, एक आरोपी गिरफ्तार, 21 डेबिट कार्ड और 4 मोबाइल बरामद

मुगलसराय में साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़, एक आरोपी गिरफ्तार, 21 डेबिट कार्ड और 4 मोबाइल बरामद

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Chandauli Cyber Crime: चंदौली साइबर सेल और मुगलसराय पुलिस की संयुक्त टीम ने अंतर्राज्यीय साइबर ठगी गिरोह के एक सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 21 डेबिट/एटीएम कार्ड, साइबर शिकायतों से जुड़े दो बैंक खाते, चार मोबाइल फोन, कूटरचित आधार कार्ड, सिम कार्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्य बरामद किए हैं.

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पुलिस के अनुसार, पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल के निर्देशन में साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान यह कार्रवाई की गई. साइबर सेल और मुगलसराय पुलिस को सूचना मिली थी कि एक युवक मुगलसराय रेलवे स्टेशन के आसपास विभिन्न एटीएम से लगातार रुपये निकालने का प्रयास कर रहा है. सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर डीआरएम कार्यालय जाने वाले मार्ग के पास संदिग्ध युवक को गिरफ्तार कर लिया.

पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम अंकित कुमार पुत्र जशवंत सिंह, निवासी ग्राम आजन, थाना मदनपुर, जिला औरंगाबाद, बिहार बताया. तलाशी के दौरान उसके पास से 21 डेबिट कार्ड, दो बैंक पासबुक, चार मोबाइल फोन, एक फर्जी आधार कार्ड, चार खाली सिम पैकेट, एक सक्रिय वोडाफोन सिम और 1200 रुपये नकद बरामद हुए.

कई राज्यों से जुड़ी साइबर ठगी की शिकायतें

पुलिस ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर बरामद दोनों बैंक खातों की जांच की. जांच में इन खातों से जुड़ी 10 साइबर ठगी की शिकायतें सामने आईं. ये शिकायतें महाराष्ट्र, राजस्थान, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, बिहार, पंजाब और ओडिशा समेत कई राज्यों से संबंधित बताई गई हैं.

ऑनलाइन गेमिंग और व्हाट्सऐप के जरिए बनाते थे शिकार

पुलिस के मुताबिक, आरोपी अपने साथी कैमी के साथ मिलकर ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म और व्हाट्सऐप ग्रुपों के माध्यम से लोगों को अधिक मुनाफे का लालच देकर निवेश के लिए प्रेरित करता था. ठगी की रकम अलग-अलग म्यूल बैंक खातों में ट्रांसफर कराई जाती थी, जिसके बाद विभिन्न एटीएम से रकम निकाल ली जाती थी.

आरोपी के मोबाइल फोन की जांच में संदिग्ध ऑनलाइन ट्रांजेक्शन, व्हाट्सऐप ग्रुप और साइबर ठगी से जुड़े वीडियो भी मिले हैं. पुलिस बरामद डिजिटल साक्ष्यों का तकनीकी विश्लेषण कर रही है. साथ ही गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश में भी पुलिस टीम जुटी हुई है.