अमेठी की सियासत में बड़ा उलटफेर: बागी विधायक राकेश प्रताप सिंह और अभय सिंह आज होंगे बीजेपी में शामिल, टिकी हैं सबकी निगाहें

यूपी तक

• 12:59 PM • 14 Oct 2026

राकेश प्रताप सिंह और अन्य विधायक समाजवादी पार्टी से अलग होकर आज बीजेपी में शामिल हो रहे हैं.इस कदम से गौरीगंज की राजनीति में बदलाव की संभावना बढ़ गई है. टिकट वितरण को लेकर बीजेपी में कड़ी चर्चा हो रही है.

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उत्तर प्रदेश की राजनीति में बड़ा भूचाल आने की सुगबुगाहट तेज हो गई है. समाजवादी पार्टी से बागी हुए गौरीगंज के विधायक राकेश प्रताप सिंह, गोसाईगंज के विधायक अभय सिंह और कालपी के विधायक विनोद चतुर्वेदी आज औपचारिक रूप से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में शामिल होने जा रहे हैं. अमेठी के गौरीगंज में इसके लिए एक भव्य जॉइनिंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया है. इस राजनीतिक बदलाव के बाद अब यह सवाल उठने लगा है कि क्या इन बागी नेताओं को बीजेपी में टिकट मिलेगा या इन्हें अभी इंतजार करना पड़ेगा.

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गौरीगंज में भव्य आयोजन, टिकट पर टिकी नजरें

आज होने वाली इस जॉइनिंग के बाद सबसे बड़ा सवाल गौरीगंज सीट के राजनीतिक समीकरणों को लेकर है. लगातार तीन बार (2012, 2017, 2022) सपा के टिकट पर चुनाव जीतने वाले राकेश प्रताप सिंह जब बीजेपी में शामिल होंगे तो वहां पहले से मजबूत माने जाने वाले स्थानीय नेताओं का रुख क्या होगा, इस पर सबकी निगाहें टिकी हैं. खासकर 2022 के विधानसभा चुनाव में राकेश प्रताप सिंह के खिलाफ बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़कर महज 6,000 वोटों से हारने वाले चंद्र प्रकाश मटियारी की भूमिका अहम मानी जा रही है.

चंद्र प्रकाश मटियारी का बड़ा बयान

बीजेपी नेता चंद्र प्रकाश मटियारी ने इस राजनीतिक हलचल पर बड़ा बयान देते हुए कहा है कि राजनीति में लोगों का आना-जाना लगा रहता है और यह एक सांसारिक नियम है. उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व जो भी निर्णय लेगा, वह सर्वमान्य होगा. मटियारी ने दावा किया कि उन्होंने हमेशा निष्ठा से पार्टी के लिए काम किया है और गौरीगंज उनका हृदय क्षेत्र है. ऐसे में पार्टी नेतृत्व का जो भी निर्देश होगा, वे उसका पूरी शिद्दत से पालन करेंगे.

स्मृति ईरानी के करीबी और पुराना समीकरण

राजनीतिक गलियारों में चर्चा यह भी है कि चंद्र प्रकाश मटियारी को केंद्रीय नेतृत्व और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का करीबी माना जाता है. ऐसे में अगर राकेश प्रताप सिंह बीजेपी में आते हैं तो गौरीगंज सीट पर टिकट की दावेदारी को लेकर अंदरखाने रस्साकशी देखने को मिल सकती है. मटियारी 2007 में बीएसपी से विधायक रह चुके हैं और 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान उन्होंने बीजेपी का दामन थामा था.

फिलहाल, आज होने जा रहे इस भव्य जॉइनिंग कार्यक्रम के बाद अमेठी और आसपास के क्षेत्रों की राजनीतिक तस्वीर काफी हद तक साफ होने की उम्मीद है. सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि बीजेपी आलाकमान इन नए नेताओं को क्या बड़ी जिम्मेदारी और भूमिका सौंपता है.