Ex-IAS Divya Mittal News: उत्तर प्रदेश कैडर की पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने अपने पद से इस्तीफा देने के बाद पहली बार मां विंध्यवासिनी धाम के दर्शन किए है. इस दौरान उन्होंने अपने राजनीतिक भविष्य के बारे में खुलकर बात रखी है. बता दें, 13 साल तक एक तेजतर्रार आईएएस अफसर के तौर पर काम करने के बाद 29 सितंबर को उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर राजनीति में उतरने का ऐलान किया था.
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उन्होंने अब साफ कर दिया है कि वह किसी राजनीतिक पार्टी में शामिल नहीं हो रही हैं. इसके साथ ही उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की औपचारिक शुरुआत और आगे की रणनीति को लेकर कहा कि वह नवरात्र के दौरान अपने अगले कदम की घोषणा कर देंगी. दिव्या मित्तल ने यूपी तक से खास बातचीत के दौरान कई सवालों के बेबाकी से जवाब दिए हैं.
यूपी तक से खास बातचीत: 'दिशा देना राजनीति का काम'
यूपी तक से खास बातचीत करते हुए पूर्व आईएएस दिव्या मित्तल ने बताया कि उन्होंने पद से इस्तीफा क्यों दिया है. जब उनसे पूछा गया कि क्या आईएएस रहते हुए उन्हें काम करने में परेशानी हो रही थी, तो उन्होंने कहा, 'ऐसा नहीं है कि मुझे आईएएस के तौर पर काम करने में कोई कमी महसूस हुई. मैंने जितना हो सका, उतना काम किया.' उन्होंने आगे बताया कि देश को नई दिशा देने का काम राजनीति का है और अगर उन्हें इस दिशा में कुछ बड़ा योगदान देना है, तो उन्हें राजनीति का रास्ता सही लगा.
क्या विधानसभा चुनाव लड़ेंगी दिव्या मित्तल?
उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर भी दिव्या मित्तल की उम्मीदवारी के कयास लगाए जा रहे हैं. जब उनसे विधानसभा चुनाव लड़ने और उनकी प्लानिंग को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा, 'यह एक बहुत लंबी यात्रा है. मैं एक-एक कदम आगे बढ़ा रही हूं. मैं अपने अगले कदम के बारे में इसी नवरात्र में आप सभी को बताऊंगी. अगर हम एक-एक कदम नहीं चलेंगे तो कुछ नहीं कर पाएंगे.'
राजा भैया से मुलाकात और गठबंधन पर क्या बोलीं?
सोशल मीडिया पर राजा भैया के साथ दिव्या मित्तल की कुछ दिनों पहले एक फोटो वायरल हुई थी, जिसके बाद चर्चा शुरू हो गई थी कि वह राजा भैया की पार्टी के साथ जा सकती हैं या गठबंधन कर सकती हैं. यूपी तक ने जब इस बारे में सवाल किया तो उन्होंने इस बात को पूरी तरह से नकार दिया है. दिव्या ने कहा है कि, 'मेरी राजा भैया जी से कोई मुलाकात या बात नहीं हुई है. मैंने पहले भी कहा था और फिर कह रही हूं कि मैं किसी की भी पार्टी में शामिल नहीं होने जा रही हूं.'
'लोगों की आवाज बनना चाहती हूं'
इससे पहले 29 सितंबर को एक्स पर एक वीडियो जारी कर दिव्या ने राजनीति में आने का ऐलान किया था. उन्होंने कहा था कि वह लोगों की आवाज बनना चाहती हैं, जिनकी आवाज दफ्तरों तक नहीं पहुंच पाती और पहुंचती भी है तो सुनी नहीं जाती. उन्होंने कहा था कि उनका लक्ष्य किसी एक नेता को बदलना नहीं, बल्कि पूरी राजनीति के तौर-तरीके को बदलना है. उन्होंने उत्तर प्रदेश को अपनी कर्मभूमि बताया था और कहा था कि वह अपनी राजनीतिक यात्रा यहीं से शुरू करेंगी.
राजनीतिक पार्टियों से मिल रहे न्योते
दिव्या मित्तल के राजनीति में आने की घोषणा के बाद से पूर्वांचल में उनकी चर्चा तेज हो गई है. उनके इस फैसले के बाद कई राजनीतिक दलों ने भी उन्हें अपने पाले में लाने की कोशिशें शुरू कर दी हैं. यूपी कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अजय राय ने उन्हें पार्टी में शामिल होने का न्योता दिया था. वहीं, समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने भी चुटकी लेते हुए कहा कि अब दिव्या को यह तय करना होगा कि वह लाल गमछा पहनेंगी या हरा. इसे सपा की तरफ से दिए गए एक राजनीतिक निमंत्रण के तौर पर देखा जा रहा है.
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