उत्तर प्रदेश में दिवाली और छठ के दौरान बिजली कटौती से परेशान नहीं होना पड़े, इसके लिए सरकार ने तैयारी शुरू कर दी है. सरकार का कहना है कि त्योहारों पर गांवों से लेकर शहरों तक बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी. इसके लिए बिजली की लाइनों और दूसरे उपकरणों की मरम्मत की जा रही है. साथ ही, बिजली सप्लाई में रुकावट पैदा करने वाली समस्याओं को दूर करने पर भी जोर दिया जा रहा है.
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राज्य सरकार के मुताबिक, 20 अक्टूबर को दशहरे के अवसर पर भी गांवों और शहरों को रोशन रखने के लिए निर्देश दिए गए हैं. जिलों, तहसीलों और ग्रामीण इलाकों में 24 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की व्यवस्था करने को कहा गया है. उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) की टीमें त्योहारों के दौरान बिजली व्यवस्था दुरुस्त रखने में जुटी हैं.
गांवों से शहरों तक बिजली सप्लाई पर नजर
UPPCL के प्रबंध निदेशक नीतीश कुमार ने कहा कि गांवों, शहरों, नगर निगम क्षेत्रों और नगर पालिकाओं में निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए तैयारियां की जा रही हैं. त्योहारों के दौरान विभाग की टीमें लगातार सक्रिय रहेंगी, ताकि बिजली आपूर्ति सुरक्षित और भरोसेमंद बनी रहे.
बिजली विभाग की सभी पांच वितरण कंपनियों के क्षेत्रों में बिजली के बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है. इसमें पूर्वांचल, मध्यांचल, पश्चिमांचल और दक्षिणांचल समेत संबंधित वितरण क्षेत्रों में नियमित रखरखाव का काम शामिल है.
पेड़ों की टहनियां हटाई जा रहीं, ताकि न कटे बिजली
त्योहारों में बिजली आपूर्ति बाधित होने की एक वजह बिजली की लाइनों के संपर्क में आने वाली पेड़ों की टहनियां भी हो सकती हैं. इसे देखते हुए UPPCL की टीमें ऐसी टहनियों की छंटाई कर रही हैं. बिजली की लाइनों और दूसरे उपकरणों की जांच के साथ ट्रिपिंग रोकने के उपाय भी किए जा रहे हैं.
सरकार का कहना है कि बिजली की मांग पर लगातार नजर रखी जा रही है. इसका मकसद त्योहारों के दौरान बिजली की जरूरत पूरी करने के साथ सप्लाई में आने वाली रुकावटों को कम करना है.
यूपी में बिजली की मांग 23 हजार मेगावाट के पार
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश ने 18 अक्टूबर को बिजली की अधिकतम मांग 22,540 मेगावाट पूरी की. इससे पहले 17 अक्टूबर को 23,738 मेगावाट और 16 अक्टूबर को 23,372 मेगावाट की मांग पूरी की गई थी.
सरकार के बयान में दावा किया गया कि बिजली की मांग पूरी करने के मामले में उत्तर प्रदेश ने तेलंगाना, तमिलनाडु, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश से बेहतर प्रदर्शन किया है.
तय रोस्टर से ज्यादा मिल रही बिजली
सरकार के अनुसार, प्रदेश के ग्रामीण और शहरी इलाकों में निर्धारित रोस्टर के समय से भी अधिक बिजली आपूर्ति बनाए रखी जा रही है. त्योहारों के दौरान इस व्यवस्था को जारी रखने के लिए बिजली लाइनों और उपकरणों के रखरखाव के साथ आपूर्ति की नियमित निगरानी की जा रही है.
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