पूर्वांचल में ठाकुर बनाम निषाद की राजनीति तेज! संजय निषाद के विवादित बयान के बाद गोरखपुर में जुटा समाज

रजत सिंह

• 12:15 PM • 08 Oct 2026

Sanjay Nishad: गोरखपुर में समाजवादी पार्टी से निषाद समाज के नेता के साथ हुई मारपीट का मामला अब पूर्वांचल की सियासत में बड़ा मुद्दा बन गया है. संजय निषाद ने सुल्तानपुर से कहा है 'निषाद पार्टी का झंडा और डंडा लगाइए, अगर किसी ने आंख दिखाई तो उसकी आंख निकाल लेंगे.' उनके इस बयान के बाद गोरखपुर में अंशुमान सिंह के पक्ष में ठाकुर समाज एकजुट हो गया है.

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Sanjay Nishad: गोरखपुर में दो समाजवादी पार्टी के नेताओं के बीच हुई मारपीट का मामला अब पूर्वांचल की सियासत में बड़ा मुद्दा बन गया है. बता दें सपा नेता अंशुमान सिंह ने अपनी ही पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष नगीना साहनी को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान थप्पड़ मारा था. नगीना साहनी निषाद समाज से आते हैं. इस घटना के बाद अंशुमान सिंह को पार्टी से निकाल दिया गया था. लेकिन निषाद समाज के नेता के साथ हुई मारपीट संजय निषाद से नहीं देखी गई.

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उन्होंने अब इस मामले में सुल्तानपुर से कहा 'निषाद पार्टी का झंडा और डंडा लगाइए, अगर किसी ने आंख दिखाई तो उसकी आंख निकाल लेंगे.' संजय निषाद के इस बयान के बाद गोरखपुर में अंशुमान सिंह के पक्ष में ठाकुर समाज एकजुट हो गया है. गोरखपुर के बांसगांव से नगर पंचायत अध्यक्ष विजय सिंह उर्फ बबलू ने संजय निषाद को पलटकर जवाब दिया है. जिससे मामला अब 'निषाद बनाम ठाकुर' की राजनीति में बदलता दिख रहा है.

सपा नेताओं के झगड़े से शुरू हुआ विवाद

यह पूरा विवाद गोरखपुर में हुई समाजवादी पार्टी की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस से शुरू हुआ है. सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष नगीना साहनी मीडिया से बात कर रहे थे, तभी वहां सपा के एक दूसरे नेता अंशुमान सिंह पहुंचे. इसी दौरान बैठने की जगह को लेकर दोनों नेताओं के बीच बहस शुरू हो गई. धीरे-धीरे बहस इतनी बढ़ गई कि अंशुमान सिंह ने नगीना साहनी को गालियां दीं और थप्पड़ मार दिया. इस घटना के बाद समाजवादी पार्टी ने तुरंत एक्शन लेते हुए अंशुमान सिंह को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया था.

क्या था संजय निषाद का विवादित बयान?

नगीना साहनी निषाद समाज से ताल्लुक रखते हैं. इस घटना के बाद, निषाद पार्टी के प्रमुख संजय निषाद ने सुल्तानपुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए बिना नाम लिए एक बड़ा बयान दिया है. उन्होंने अपने समर्थकों से कहा है, 'निषाद पार्टी का झंडा और डंडा लगाइए. अगर कोई आपको आंख दिखाएगा तो हम उसकी आंख निकाल लेंगे और अगर कोई हाथ उठाता है, तो आज के बाद हमारी तरफ से आदेश है कि उसका हाथ काट लिया जाएगा.' संजय निषाद का यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.

संजय निषाद पर भड़के ठाकुर, दिया करारा जवाब

संजय निषाद के इस 'हाथ काटने' वाले बयान के बाद अंशुमान सिंह के समर्थन में गोरखपुर में ठाकुर समाज ने एक बड़ी बैठक की है. इस बैठक में बांसगांव नगर पंचायत के अध्यक्ष विजय सिंह उर्फ बबलू ने संजय निषाद को सीधा चैलेंज किया है. बबलू सिंह ने कहा कि संजय निषाद अगर हाथ काटने की बात करते हैं, तो हम भी चुप नहीं बैठेंगे. उन्होंने 'हाथ के बदले गर्दन' काटने जैसी आपत्तिजनक बात कहकर विवाद को और हवा दी है.

पिछड़ा बनाम सवर्ण का रूप ले रहा मामला

नगीना साहनी ने थप्पड़ कांड के बाद कहा है कि वे निषाद समाज से आते हैं, इसलिए उन्हें जानबूझकर निशाना बनाया गया था. वहीं, आरोपी अंशुमान सिंह का कहना है कि साहनी का व्यवहार शुरू से ही खराब रहा है और उनके बीच कोई जातिगत दुश्मनी नहीं है, बल्कि व्यक्तिगत ईगो की लड़ाई है.

चुनाव से पहले राजनीतिक सरगर्मी तेज

समाजवादी पार्टी की अंदरूनी लड़ाई अब दो अलग-अलग समाजों के बीच की लड़ाई में बदल गई है. ठाकुर समाज के लोग अंशुमान सिंह के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेने की मांग कर रहे हैं और तहसील का घेराव करने की चेतावनी दे रहे हैं. पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है. आने वाले चुनावों को देखते हुए संजय निषाद के इस बयान और उसके बाद हुए ठाकुरों के एकजुट होने से पूर्वांचल की राजनीति में नए समीकरण बनते नजर आ रहे हैं.

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