दिवाली से ठीक पहले ट्रेन टिकट पर बदला नियम, रेलवे स्टेशन के काउंटर से टिकट खरीदने वालों के लिए खुशखबरी!

यूपी तक

• 12:32 PM • 19 Oct 2026

दिवाली से पहले ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों के लिए रेलवे से जुड़ा एक अहम बदलाव होने जा रहा है. 27 अक्टूबर 2026 से रेलवे स्टेशन के रिजर्वेशन काउंटर से टिकट खरीदने वाले यात्रियों को भी यात्रा बीमा का विकल्प मिलेगा.

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Railway Rule Change: दिवाली से पहले ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों के लिए रेलवे से जुड़ा एक अहम बदलाव होने जा रहा है. अब रेलवे स्टेशन के रिजर्वेशन काउंटर से टिकट खरीदने वाले यात्रियों को भी यात्रा बीमा की सुविधा मिलेगी. अभी तक ये ऑप्शन ऑनलाइन टिकट बुक करने वाले यात्रियों के लिए उपलब्ध था. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद रेलवे 27 अक्टूबर 2026 से इस व्यवस्था को लागू करने जा रहा है.

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इस बदलाव का फायदा उन यात्रियों को मिलेगा, जो IRCTC की वेबसाइट या मोबाइल ऐप के बजाय रेलवे स्टेशन के काउंटर से टिकट खरीदते हैं. हालांकि, काउंटर टिकट पर बीमा लेने की प्रक्रिया, प्रीमियम और क्लेम से जुड़ी पूरी जानकारी अभी स्पष्ट नहीं की गई है.

27 अक्टूबर से क्या बदल जाएगा?

भारतीय रेलवे 27 अक्टूबर से रिजर्वेशन काउंटर पर टिकट खरीदने वाले यात्रियों को भी यात्रा बीमा का विकल्प देगा. अभी तक IRCTC की वेबसाइट या मोबाइल ऐप से टिकट बुक करने के दौरान यात्री ट्रैवल इंश्योरेंस चुन सकते थे. इसके लिए उन्हें बुकिंग के समय बीमा का विकल्प चुनना होता था.

दूसरी ओर, रेलवे स्टेशन के काउंटर से टिकट खरीदने वाले यात्रियों को ये सुविधा नहीं मिलती थी. नए नियम के लागू होने के बाद ऑफलाइन टिकट बुक कराने वाले यात्री भी इस सुविधा के दायरे में आएंगे.

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर हो रहा बदलाव

रेलवे की इस व्यवस्था के पीछे जून 2023 में ओडिशा में हुई रेल दुर्घटना के बाद यात्रियों की सुरक्षा को लेकर उठे सवालों का संदर्भ है. इसी सिलसिले में सुप्रीम कोर्ट ने 6 अक्टूबर 2026 को रेलवे को निर्देश दिया था कि स्टेशन के काउंटर से बेचे जाने वाले टिकटों पर भी यात्रा बीमा की सुविधा उपलब्ध कराई जाए.

न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और न्यायमूर्ति आर. महादेवन की पीठ ने रेलवे को  सुनिश्चित करने को कहा था कि काउंटर से टिकट खरीदने वाले यात्री भी बीमा सुविधा से वंचित न रहें. इसी निर्देश के तहत 27 अक्टूबर से नई व्यवस्था लागू की जानी है.

नियम लागू करने में लापरवाही पर रेलवे बोर्ड की जिम्मेदारी

सुप्रीम कोर्ट का उद्देश्य ऑनलाइन और ऑफलाइन टिकट बुकिंग के बीच इस सुविधा को लेकर अंतर खत्म करना है. डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल नहीं करने वाले यात्रियों को भी यात्रा बीमा का विकल्प मिल सके, इसके लिए रेलवे को व्यवस्था करनी होगी. अदालत ने निर्देश के साथ चेतावनी भी दी थी कि इसे लागू करने में लापरवाही होने पर रेलवे बोर्ड को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया जाएगा. 

रेल यात्रियों को कितना बीमा कवर मिलता है?

IRCTC के जरिए ऑनलाइन ट्रेन टिकट बुक करने वाले यात्रियों के लिए मौजूदा वैकल्पिक यात्रा बीमा योजना के तहत पॉलिसी की शर्तों के अनुसार मृत्यु या स्थायी पूर्ण विकलांगता की स्थिति में 10 लाख रुपये तक का बीमा कवर मिल सकता है.

इस बीमा के लिए प्रीमियम टैक्स सहित प्रति यात्री सिर्फ 45 पैसे है. हालांकि,  राशि ऑनलाइन बुकिंग के मौजूदा बीमा विकल्प से जुड़ी है. काउंटर से खरीदे जाने वाले टिकटों पर बीमा के लिए कितना प्रीमियम देना होगा, किन दस्तावेजों की जरूरत पड़ेगी और क्लेम करने की प्रक्रिया क्या होगी, इस बारे में अभी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है.

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