UP Weather: उत्तर प्रदेश में मॉनसून की विदाई के बीच मौसम के तेवर एक बार फिर बदलने वाले हैं. भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, 8 अक्टूबर को प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश और वज्रपात की संभावना जताई गई है. खासकर पूर्वांचल और मध्य यूपी के कई जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया गया है.
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पूर्वी और पश्चिमी यूपी में कैसा रहेगा मौसम का मिजाज?
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने और कहीं-कहीं वज्रपात होने की संभावना है. वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बारिश, आकाशीय बिजली चमकने और 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से धूलभरी/झोंकेदार हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है.
किन-किन जिलों में तेज हवाएं और बिजली गिरने का अलर्ट?
मौसम केंद्र लखनऊ के अनुसार, 8 अक्टूबर को लखनऊ, बाराबंकी, हरदोई, सीतापुर, लखीमपुर खीरी।प्रयागराज, प्रतापगढ़, अयोध्या, सुल्तानपुर, अमेठी, अंबेडकर नगर, गोंडा, श्रावस्ती, बहराइच। वाराणसी, जौनपुर, गाजीपुर, चंदौली, मिर्जापुर, सोनभद्र, संत रविदास नगर (भदोही) आजमगढ़, मऊ, बलिया, सहारनपुर, बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत और शाहजहांपुर एवं आसपास के क्षेत्र में 40-50 किमी/घंटा की गति से झोंकेदार हवाएं चलने और मेघगर्जन/वज्रपात होने की आशंका है.
आम जनता और किसानों के लिए जरूरी सलाह
मौसम में इस अचानक बदलाव को देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों और किसानों के लिए विशेष गाइडलाइन जारी की है.
आम जनमानस के लिए सलाह: खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर रहने से बचें. बिजली कड़कने पर पेड़ों के नीचे या कंक्रीट की दीवारों से टिककर आश्रय न लें. यात्रा करते समय सावधानी बरतें और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को अनप्लग कर दें.
किसानों के लिए सलाह: तेज हवाओं और बारिश के कारण धान, मक्का, तिल, उड़द और मूंग जैसी पकी फसलों को नुकसान हो सकता है. किसानों को सलाह दी गई है कि वे खेतों में जल निकासी की व्यवस्था सही रखें, कटी हुई फसलों को सुरक्षित व हवादार स्थानों पर रखें तथा तेज हवाओं से ठीक पहले फसलों की अनावश्यक सिंचाई न करें.
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