जेवर एयरपोर्ट अब भाजपा के इस बड़े नेता के नाम से जाना जाएगा, योगी कैबिनेट ने दी मंजूरी

समर्थ श्रीवास्तव

09 Oct 2026 (अपडेटेड: 09 Oct 2026, 01:38 PM)

उत्तर प्रदेश के जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नाम बदलकर नरेंद्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट रखने के प्रस्ताव को योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में मंजूरी दी गई है.

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उत्तर प्रदेश के जेवर में बने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नाम अब नरेंद्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट रखा जाएगा। योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में एयरपोर्ट का नाम बदलने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है।

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सरकार की ओर से एयरपोर्ट का नाम नरेंद्र मोदी के नाम पर रखने का फैसला लिया गया है। जेवर एयरपोर्ट को नोएडा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए खास परियोजना माना जाता है।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट नाम कब मिला?

गौतमबुद्ध नगर जिले के जेवर में बने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की हवाई कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए विकसित किया गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 नवंबर 2021 को इसकी आधारशिला रखी थी. एयरपोर्ट का आधिकारिक नाम दिसंबर 2020 में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तय किया गया था. 

एयरपोर्ट का पहला चरण करीब 1,334 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित करने की योजना के साथ शुरू हुआ. शुरुआती चरण में सालाना 1.2 करोड़ यात्रियों को संभालने की क्षमता रखी गई है. भविष्य में विस्तार के बाद इसकी क्षमता सालाना 7 करोड़ से अधिक यात्रियों तक पहुंचाने की योजना है. 

इन शहरों के लिए कनेक्टिविटी हुई आसान

इस एयरपोर्ट से नोएडा और ग्रेटर नोएडा के अलावा आगरा, मथुरा, अलीगढ़, गाजियाबाद, मेरठ, बुलंदशहर और आसपास के इलाकों को फायदा मिलने की बात कही गई है. इससे यात्रियों को हवाई सफर के लिए दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर निर्भरता कम करने का ऑप्शन मिला है.  

योगी सरकार ने इन कामों का भी किया जिक्र

एयरपोर्ट का नाम बदलने के प्रस्ताव के साथ सरकार ने बैठक में धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक स्थलों से जुड़े कई कार्यों का भी उल्लेख किया. इनमें अयोध्या में मंदिर पर धर्म ध्वजा फहराने, काशी विश्वनाथ मंदिर के विस्तार और गंगा पथ से उसके सीधे जुड़ाव का जिक्र है.

सरकार ने बौद्ध क्षेत्र में पिपरहवा से जुड़ी विरासत की वापसी, प्रयागराज में कुंभ मेले के आयोजन और काशी तमिल संगमम जैसे आयोजनों को भी प्रमुख उपलब्धियों में गिनाया. इसके अलावा बौद्ध सर्किट के विकास, संत गुरु रविदास संग्रहालय और प्रतिमा निर्माण तथा गोरखपुर में अटल बिहारी वाजपेयी प्रेरणा स्थल की स्थापना का उल्लेख किया गया.

चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न देने का भी जिक्र

सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न से सम्मानित किए जाने को भी अपनी उपलब्धियों में शामिल किया. सरकार के मुताबिक, इन फैसलों और परियोजनाओं का उद्देश्य देश की सांस्कृतिक विरासत, महापुरुषों के योगदान और ऐतिहासिक स्थलों को सम्मान देना है.

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