महाशिवरात्रि पर करेंगे ये उपाय तो 9 के 9 ग्रह रहेंगे शांत, ज्योतिर्विद राखी मिश्रा से जानिए

Maha Shivratri 2025: महाशिवरात्रि का पर्व हर साल फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है. इस वर्ष यह शुभ दिन 26 फरवरी, बुधवार को पड़ रहा है. शिव भक्तों के लिए यह दिन बहुत खास होता है, क्योंकि इस दिन भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना करने से जीवन की तमाम परेशानियों से छुटकारा मिल सकता है

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26 Feb 2025 (अपडेटेड: 26 Feb 2025, 12:00 PM)

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Mahashivratri 2025: महाशिवरात्रि का पर्व हर साल फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है. इस वर्ष यह शुभ दिन 26 फरवरी, बुधवार को पड़ रहा है. शिव भक्तों के लिए यह दिन बहुत खास होता है, क्योंकि इस दिन भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना करने से जीवन की तमाम परेशानियों से छुटकारा मिल सकता है. खासतौर पर यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में ग्रह दोष हो या फिर ग्रहों की अशुभ स्थिति के कारण वह परेशान हो, तो महाशिवरात्रि के दिन किए गए कुछ विशेष उपाय उसे राहत दिला सकते हैं.

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ज्योतिर्विद राखी मिश्रा के अनुसार, नवग्रहों (Mahashivratri 9 grahan) का प्रभाव हर व्यक्ति के जीवन में पड़ता है. अगर कोई ग्रह कमजोर या अशुभ स्थिति में हो, तो उसके कारण कई तरह की परेशानियां आती हैं. लेकिन महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव की पूजा करके और कुछ आसान उपायों को अपनाकर इन ग्रहों को शांत किया जा सकता है.

 

 

अगर सूर्य ग्रह की स्थिति खराब हो और मान-सम्मान में कमी आ रही हो, तो महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव को चंदन का लेप और घी अर्पित करना शुभ माना जाता है. इससे आत्मबल बढ़ता है और समाज में प्रतिष्ठा भी मिलती है. वहीं, चंद्रमा यदि कमजोर हो तो व्यक्ति मानसिक रूप से बेचैन रहता है. मन में अनिश्चितता बनी रहती है और सेहत पर भी नकारात्मक असर पड़ता है. इसे शांत करने के लिए शिवलिंग पर दूध चढ़ाना चाहिए. इससे मानसिक शांति मिलती है और मन स्थिर रहता है.

अगर मंगल ग्रह की स्थिति ठीक नहीं हो, तो व्यक्ति के स्वभाव में गुस्सा, जल्दबाजी और चिड़चिड़ापन आ जाता है. ऐसे में शिवलिंग पर शहद या पंचामृत से अभिषेक करना लाभदायक होता है. इससे आत्मविश्वास बढ़ता है और ऊर्जा संतुलित रहती है. बुध ग्रह यदि कमजोर हो तो व्यक्ति की बुद्धि और संचार क्षमता प्रभावित होती है. पढ़ाई-लिखाई में दिक्कत आती है और निर्णय लेने की क्षमता कमजोर हो जाती है. इससे बचने के लिए भगवान शिव को बेलपत्र और मूंग की दाल अर्पित करनी चाहिए. इससे बुध ग्रह मजबूत होता है और वाणी में मधुरता आती है.

गुरु ग्रह (बृहस्पति) को भाग्य और समृद्धि का कारक माना जाता है. अगर यह अशुभ हो तो भाग्य साथ नहीं देता और जीवन में उन्नति रुक जाती है. इसे शांत करने के लिए शिवलिंग पर चने की दाल और पीले फूल चढ़ाने चाहिए. इससे गुरु ग्रह का आशीर्वाद प्राप्त होता है और समृद्धि बढ़ती है. शुक्र ग्रह का असर वैवाहिक जीवन और ऐश्वर्य पर पड़ता है. अगर यह कमजोर हो तो रिश्तों में तनाव आता है और धन-संपत्ति में कमी होती है. इसे ठीक करने के लिए भगवान शिव को दही में चीनी मिलाकर अर्पित करना चाहिए.

 

 

शनि ग्रह को न्याय का देवता कहा जाता है और यह कर्मों के अनुसार फल देते हैं. अगर शनि की साढ़े साती, ढैय्या या महादशा चल रही हो तो व्यक्ति को कष्टों का सामना करना पड़ता है. इससे बचने के लिए शिवलिंग पर जल में तिल मिलाकर चढ़ाना चाहिए. इससे शनि के अशुभ प्रभाव कम होते हैं और बाधाओं से मुक्ति मिलती है.

राहु और केतु के प्रभाव से व्यक्ति के जीवन में भ्रम, भय और मानसिक तनाव बढ़ जाता है. इनसे राहत पाने के लिए भगवान शिव पर भांग, धतूरा और चंदन अर्पित करना चाहिए. साथ ही, जल की धारा चढ़ानी चाहिए. इससे इन छाया ग्रहों के नकारात्मक प्रभाव समाप्त होते हैं और जीवन में स्थिरता आती है.

इन उपायों के साथ-साथ महाशिवरात्रि पर ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप करना बहुत शुभ माना जाता है. यह मंत्र नवग्रहों के दोषों को शांत करने में मदद करता है और व्यक्ति को मानसिक और आध्यात्मिक बल प्रदान करता है.महाशिवरात्रि पर यदि श्रद्धापूर्वक भगवान शिव की पूजा-अर्चना की जाए और इन उपायों को अपनाया जाए, तो सभी नौ ग्रहों की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है.

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