सीएम योगी ने बौद्ध धर्म गुरु भदंत एबी ज्ञानेश्वर को दी श्रद्धांजलि, कौन थे ये अग्गमहापंडित?

यूपी तक

• 11:05 AM • 10 Nov 2025

कुशीनगर में बौद्ध धर्मगुरु भदंत ज्ञानेश्वर को सीएम योगी आदित्यनाथ ने दी अंतिम श्रद्धांजलि. जानें अग्गमहापंडित की उपाधि पाने वाले इस महान बौद्ध विद्वान का जीवन, योगदान और कुशीनगर के विकास में उनकी भूमिका.

Bhante AB Gyaneshwar, CM Yogi Tribute

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को कुशीनगर स्थित म्यांमार बौद्ध विहार पहुंचकर दिवंगत बौद्ध धर्मगुरु अग्गमहापंडित भदंत एबी ज्ञानेश्वर के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी. सीएम योगी ने भदंत ज्ञानेश्वर के जीवन को करुणा, सेवा और शांति का प्रतीक बताते हुए कहा कि उनके उपदेश सदैव पूरे समाज के लिए प्रेरणास्रोत बने रहेंगे. भदंत ज्ञानेश्वर का लंबी बीमारी के बाद 31 अक्टूबर को 90 वर्ष की आयु में लखनऊ के मेदांता अस्पताल में निधन हो गया था. उनका अंतिम संस्कार 11 नवंबर को किया जाएगा.

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कौन थे अग्गमहापंडित भदंत ज्ञानेश्वर?

भदंत ज्ञानेश्वर एक बौद्ध विद्वान थे. इन्होंने अपना पूरा जीवन बौद्ध धर्म के प्रचार-प्रसार और भगवान बुद्ध की शिक्षाओं के प्रसार में समर्पित कर दिया. वह मूल रूप से म्यांमार के रहने वाले थे और साल 1963 में कुशीनगर आए थे. उन्होंने वर्ष 1977 में भारतीय नागरिकता ग्रहण की. 

कई सर्वोच्च उपाधियां मिलीं

उन्हें म्यांमार सरकार द्वारा कई बार सम्मानित किया गया था. इनमें 'अग्गमहापंडित' और 'अभिधज्जा अग्गमहासधम्मजोतिका' जैसी सर्वोच्च उपलब्धियां शामिल हैं. वह चार बार विशिष्ट म्यांमार सम्मान पाने वाले पहले बौद्ध भिक्षु थे. वर्ष 2021 में उन्हें सर्वोच्च नागरिक सम्मान अभिध्वजा महारथा गुरु से भी सम्मानित किया गया था. वह कुशीनगर बौद्ध भिक्षु संघ के अध्यक्ष और म्यांमार बौद्ध विहार के प्रमुख थे. 

उन्होंने कुशीनगर के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी और क्षेत्र में शैक्षिक एवं सांस्कृतिक विकास के लिए कई शैक्षणिक संस्थान स्थापित किए. उन्होंने म्यांमार बौद्ध विहार परिसर में वर्मीज पैगोडा का निर्माण कराया और इसे एक अंतरराष्ट्रीय केंद्र के रूप में विकसित किया. यहां देश-विदेश से श्रद्धालु आते हैं. 

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भदंत ज्ञानेश्वर ने कुशीनगर को अंतरराष्ट्रीय तीर्थस्थल के रूप में बढ़ावा देने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. श्रद्धांजलि देने के दौरान कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, कुशीनगर सांसद विजय कुमार दूबे और अन्य जनप्रतिनिधि संग वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.