Shadashtak Yog 2026: 2 सितंबर से बन रहा है अशुभ 'षडाष्टक योग', इन 3 राशियों पर टूटेगा मुसीबत का पहाड़, जानें बचने के उपाय

यूपी तक

• 05:41 PM • 01 Sep 2026

2 सितंबर 2026 को शुक्र अपनी स्वराशि तुला में गोचर करेंगे, जहां मीन राशि में बैठे शनि के साथ उनका अशुभ 'षडाष्टक योग' बनेगा. वैदिक ज्योतिष में इस योग को बेहद खतरनाक माना जाता है. 26 सितंबर तक रहने वाले इस अशुभ योग के कारण कन्या, तुला और मीन राशि के जातकों को धन हानि, स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां और भारी मानसिक तनाव का सामना करना पड़ सकता है.

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2 सितंबर 2026 को ज्योतिष शास्त्र के लिहाज से एक बड़ी खगोलीय घटना होने जा रही है. शुक्र ग्रह कन्या राशि से निकलकर अपनी स्वराशि तुला में प्रवेश करेंगे. इस गोचर के साथ ही शनि और शुक्र मिलकर एक बेहद अशुभ 'षडाष्टक योग' का निर्माण करेंगे, जो कई लोगों के जीवन में भारी उथल-पुथल मचा सकता है.
 

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मीन राशि में बैठे शनि और तुला राशि में आए शुक्र के बीच 6ठे और 8वें भाव का संबंध बनेगा, जिसे षडाष्टक योग कहा जाता है. यह अशुभ स्थिति 26 सितंबर 2026 तक बनी रहेगी. इस दौरान अचानक आर्थिक खर्च, मानसिक तनाव और सेहत से जुड़ी गंभीर समस्याएं देखने को मिल सकती हैं.

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कन्या राशि के जातकों पर इस योग का नकारात्मक असर साफ दिखाई देगा. आपके आर्थिक मामलों में अचानक रुकावटें आ सकती हैं. बेवजह के खर्चों से आपका बजट पूरी तरह बिगड़ सकता है. इस दौरान अपनी वाणी पर नियंत्रण रखें और मधुरता बनाए रखें, वरना परिवार के सदस्यों से बड़ा मतभेद हो सकता है.

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शुक्र तुला राशि में ही आ रहे हैं, जिससे षडाष्टक योग बनेगा. इस योग के बनने से तुला राशि वालों को अपनी सेहत का खास ख्याल रखना होगा. मानसिक तनाव और बहुत ज्यादा आलस्य आपको घेर सकता है. कार्यक्षेत्र में आपके गुप्त दुश्मन सक्रिय हो सकते हैं, इसलिए भूलकर भी अपनी जरूरी योजनाएं किसी बाहरी व्यक्ति के साथ साझा न करें.

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शनि आपकी ही राशि यानी मीस राशि में ही विराजमान है, इसलिए यह योग आपकी मानसिक उथल-पुथल और चिंता को बढ़ा सकता है. पार्टनरशिप से जुड़े कामों में विशेष सावधानी बरतें. इस अवधि में वाहन चलाते समय पूरी तरह सतर्क रहें और कोई भी नया या बड़ा निवेश करने से फिलहाल बचें.

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षडाष्टक योग के अशुभ प्रभावों को कम करने के लिए ज्योतिष में कुछ खास उपाय बताए गए हैं. हर शुक्रवार के दिन किसी मंदिर में जाकर सफेद चीजों का दान जरूर करें. आप दूध, चावल या खीर का दान कर सकते हैं. इससे शुक्र के नकारात्मक प्रभाव कम होंगे.

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शनिवार के दिन शनिदेव की विशेष पूजा-आराधना करें. उनके सामने सरसों के तेल का दीपक जलाएं और 'ऊं शं शनैश्चराय नमः' मंत्र का जाप करें. इसके अलावा, 26 सितंबर तक किसी भी तरह के वाद-विवाद से खुद को दूर रखें और पैसों से जुड़े फैसले बहुत सोच-समझकर ही लें.

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