8 साल का बच्चा खुद ही अपनी मां के शव को लेकर पहुंचा पोस्टमार्टम हाउस, मासूम की हिम्मत देख रो पड़े लोग...

देवेश सिंह

• 12:21 PM • 17 Jan 2026

यूपी के जैथरा थाना क्षेत्र के नगला धीरज गांव का 8 साल का बच्चा अपनी बीमार मां की देखभाल करने के बाद, मां के निधन के बाद खुद शव लेकर पोस्टमार्टम हाउस पहुंचा. पिता की मृत्यु और रिश्तेदारों की बेरुखी के बावजूद मासूम ने साहस और जिम्मेदारी की मिसाल पेश की.

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यूपी के जैथरा थाना क्षेत्र के नगला धीरज गांव के इस 8 साल के मासूम बच्चे की कहानी दिल को झकझोर देने वाली है. जहां उसके छोटे कंधों पर सिर्फ स्कूल का बोझ होना चाहिए था, वहीं नियति ने उसे अपनी बीमार मां का शव उठाकर पोस्टमार्टम हाउस ले जाने की जिम्मेदारी दे दी.
 

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45 साल की नीलम एक गंभीर बीमारी से जूझ रही थीं और एटा के वीरांगना अवंतीबाई मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. उनके निधन के समय कोई भी रिश्तेदार या परिजन उनके बेटे के साथ मौजूद नहीं था.
 

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मां की मौत के बाद बच्चा अकेला रह गया और शव के पास बैठ कर रोता रहा.  बता दें कि उसके पिता एक साल पहले HIV बीमारी के कारण गुजर चुके थे और रिश्तेदार संपत्ति के लालच में मदद करने के बजाय दूर हो गए.
 

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छोटे बच्चे ने अपनी मां की देखभाल पूरी निष्ठा से की. वह खुद दवाइयां लाता, डॉक्टरों के पास जाता और दिन-रात मां की सेवा में लगा रहा, लेकिन उसके मासूम प्रयास भी मां की जान नहीं बचा सके.
 

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बच्चा बताता है कि उसके चाचा और अन्य रिश्तेदार सिर्फ पिता की संपत्ति पर नजर गड़ाए हुए थे. जब मां बीमारी से जूझ रही थी तो किसी ने एक रुपय की मदद तक नहीं की.
 

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मासूम ने फर्रुखाबाद से कानपुर और दिल्ली तक अस्पतालों का चक्कर लगाया और यह सब केवल अपनी मां को बचाने और उसकी सेवा में लगा रहा. मां की मौत के बाद, रिश्तेदारों और समाज की उदासीनता के बावजूद बच्चा इतना साहसी बन गया कि उसने अपनी मां का शव खुद पोस्टमार्टम हाउस पहुंचाया. 
 

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जैथरा थाना प्रभारी रितेश ठाकुर ने घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंचकर बच्चे को आश्वासन दिया कि उसकी मां का अंतिम संस्कार सम्मानपूर्वक किया जाएगा और उसको हर संभव मदद दी जाएगी. 
 

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इस दर्दनाक अनुभव के बावजूद यह बच्चा अपनी हिम्मत और संघर्ष के लिए मिसाल बन गया है. अब चुनौती यह है कि समाज और प्रशासन उसकी शिक्षा, सुरक्षा और मानसिक सहारा देकर उसके जीवन को सही दिशा दें.

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