गुजरात BJP अध्यक्ष सीआर पाटील को UP प्रभारी बनाए जाने की चर्चा तेज! जानें इसके मायने

सीआर पाटिल.
सीआर पाटिल.फोटो: सीआर पाटिल/ ट्विटर

UP Political News: गुजरात विधानसभा चुनाव में भाजपा को ऐतिहासिक जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाले सीआर पाटिल को उत्तर प्रदेश में बड़ी भूमिका मिल सकती है. ऐसी खबर है कि उन्हें बीजेपी का उत्तर प्रदेश प्रभारी बनाया जा सकता है. इस बात की चर्चा बीजेपी के शीर्ष स्तर पर चल रही है. लगभग यह माना जा रहा है कि अब गुजरात से बाहर सीआर पाटिल को बड़ी जिम्मेदारी मिलने जा रही है.

अहम बिंदु

गुजरात चुनाव में जीतने के बाद संसदीय दल की बैठक में जिस तरीके से प्रधानमंत्री मोदी ने सीआर पाटील की मुक्त कंठ से प्रशंसा की थी, उसी समय यह तय हो गया था कि सीआर पाटील को अब राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है. चर्चा हालांकि कैबिनेट के बड़े फेरबदल में उनके कैबिनेट मंत्री बनने की भी है. लेकिन सबसे बड़ी चर्चा यह है कि उन्हें उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाकर 2024 के चुनाव की जिम्मेदारी दी जा सकती है.

दरअसल उत्तर प्रदेश से सुनील बंसल के जाने के बाद संगठन में राष्ट्रीय स्तर के कद का कोई चेहरा नहीं है. प्रदेश के संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह एबीवीपी के बैकग्राउंड से हैं और झारखंड से यूपी लाए गए हैं. वहीं, दूसरी तरफ योगी सरकार के मंत्रिमंडल में मंत्री भूपेंद्र चौधरी को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है. लेकिन इनमें से किसी का कद राष्ट्रीय फलक का नहीं है. ऐसे में उत्तर प्रदेश में संगठन और सरकार का पावर बैलेंस करने साथ-साथ 2024 आम चुनाव में 75 प्लस का टारगेट पूरा करने के लिए एक बार फिर यह बड़ी जिम्मेदारी संगठन के माहिर सीआर पाटील को सौंपी जा सकती है.

ओबीसी बिरादरी से आने वाले सीआर पाटील नवसारी से सांसद हैं. वह यहां से छह लाख 80 हजार से ज्यादा वोटों से जीत कर आए थे, यानी उन्होंने खुद भी अपने लिए वोटों का रिकॉर्ड बना रखा है. दूसरी तरफ बीजेपी को रिकॉर्ड तरीके से गुजरात में जिताने का श्रेय भी सीआर पाटील को दिया जा रहा है. प्रधानमंत्री भी उनके संगठन के मुरीद हो गए हैं और उनकी प्रशंसा उन्होंने खूब की है. ऐसे में उत्तर प्रदेश में सीआर पाटील की भूमिका देखी जा रही है. संगठन और सरकार में संगठन को ऊंचा रखने की जिम्मेदारी सीआर पाटील के जिम्मे में दी जा सकती है.

बता दें कि सीआर पाटील पाटीदार बिरादरी से आते हैं जिसे उत्तर भारत पटेल माना जाता है. ऐसे में जातीय समीकरण के हिसाब से भी सीआर पाटील उत्तर प्रदेश में फिट बैठते हैं.

चूंकि राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा का कार्यकाल भी बतौर राष्ट्रीय अध्यक्ष बढ़ाया जा चुका है और जेपी नड्डा और सीआर पाटील की केमिस्ट्री भी काफी मजबूत है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी सीआर पाटील के संगठन कौशल के मुरीद माने जाते हैं. दरअसल संगठनकर्ता के तौर पर सीआर पाटिल की पहचान माइक्रो लेवल पर काम करने वाले संगठन प्रमुख की है. वह अमित शाह के पन्ना प्रमुख के कांसेप्ट को आगे बढ़ा कर इसे पन्ना समिति तक ले गए.

सीआर पाटील को कार्यकर्ताओं का और खासकर आम लोगों के लिए काम करने वाले के तौर पर जाना जाता है. सांसद के तौर पर इनका अपना दफ्तर आईएसओ सर्टिफाइड है. अब देखना है कि क्या भाजपा सचमुच उत्तर प्रदेश के लिए 2024 में इन पर दांव लगाती है या फिर केंद्र में कोई जिम्मेदारी देती है.

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