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अखिलेश यादव-टुन्नू यादव बातचीत पर धर्मेंद्र यादव का बड़ा दावा, बोले- सबूत मिला तो राजनीति छोड़ दूंगा

आजमगढ़ पहुंचे समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव ने छात्र आंदोलन, राम मंदिर चंदा विवाद और टुन्नू यादव मामले को लेकर बीजेपी पर तीखा हमला बोला. एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में उन्होंने छात्र आंदोलन के बाद सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि सरकार ने छात्रों पर मुकदमे न करने का भरोसा दिया था

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Dharmendra Yadav
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Dharmendra Yadav News: आजमगढ़ पहुंचे समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव ने छात्र आंदोलन, राम मंदिर चंदा विवाद और टुन्नू यादव मामले को लेकर बीजेपी पर तीखा हमला बोला. एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में उन्होंने छात्र आंदोलन के बाद सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि सरकार ने छात्रों पर मुकदमे न करने का भरोसा दिया था, लेकिन अब उनके खिलाफ केस दर्ज किए जा रहे हैं. वहीं, अखिलेश यादव और टुन्नू यादव के बीच बातचीत के बीजेपी के आरोपों पर धर्मेंद्र यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को खुली चुनौती दी. उन्होंने कहा कि सरकार अगर बातचीत का एक भी सबूत या कॉल रिकॉर्ड सामने ला देती है तो वह राजनीति छोड़ देंगे.

छात्र आंदोलन पर सरकार को घेरा

छात्र आंदोलन के बाद शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और छात्रों पर दर्ज हो रहे मुकदमों को लेकर धर्मेंद्र यादव ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, 'छात्रों के संघर्ष से सरकार झुकी थी. सरकार ने कार्रवाई न करने का वादा किया था, लेकिन अब छात्रों पर मुकदमे दर्ज कर वादाखिलाफी की जा रही है. युवाओं का बीजेपी पर भरोसा नहीं रह गया है.' उन्होंने छात्र आंदोलन को लेकर सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि युवाओं की आवाज को दबाने के बजाय उनकी समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए.

पूरा हिसाब सार्वजनिक करने की मांग

राम मंदिर चंदा विवाद और संसद में विपक्ष के विरोध को लेकर पूछे गए सवाल पर धर्मेंद्र यादव ने चंदे की पारदर्शिता का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा, 'प्रभु श्रीराम के नाम पर जुटाए गए चंदे का पूरा हिसाब सार्वजनिक होना चाहिए. दोषियों पर कठोर कार्रवाई हो और ट्रस्ट की पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए. समाजवादी पार्टी रसीद के साथ चंदा देगी.' उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्था से जुड़े चंदे के मामले में लोगों के सामने पूरी जानकारी रखी जानी चाहिए.

जंतर-मंतर आंदोलन को बदनाम करने का आरोप

जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन के दौरान कुछ प्रतीकों और भाषा को लेकर उठे विवाद पर भी धर्मेंद्र यादव ने अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने आंदोलन को गांधीवादी बताते हुए कहा, 'आंदोलन पूरी तरह गांधीवादी था. इसे बदनाम करने की कोशिश की जा रही है. बीजेपी पहले अपने नेताओं की भाषा और आचरण पर जवाब दे.' उनका कहना था कि आंदोलन के मूल मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए विवाद खड़ा किया जा रहा है.

अखिलेश-टुन्नू बातचीत पर सीधी चुनौती

बीजेपी की ओर से अखिलेश यादव और टुन्नू यादव के बीच लगातार बातचीत होने के आरोप पर धर्मेंद्र यादव ने सरकार से सबूत सार्वजनिक करने की मांग की. उन्होंने कहा, 'सरकार एक भी बातचीत का प्रमाण या कॉल रिकॉर्ड सार्वजनिक कर दे. अगर एक भी सबूत मिला तो मैं राजनीति से संन्यास ले लूंगा. अगर सरकार सबूत नहीं दे पाती तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस्तीफा दें.' धर्मेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि बीजेपी बेबुनियाद आरोप लगाकर राजनीतिक माहौल बनाने की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा कि आरोपों के बजाय सरकार को उनके समर्थन में ठोस प्रमाण सामने रखना चाहिए.