कहानी अखिलेश की ‘रथ यात्राओं’ की, क्या 2012 का ‘चमत्कार’ 2022 में दोहरा पाएंगे?
वो तारीख थी- 12 सितंबर 2011. उत्तर प्रदेश में 2012 का विधानसभा चुनाव होने में कुछ ही महीनों का वक्त बचा था. लखनऊ के विक्रमादित्य…
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वो तारीख थी- 12 सितंबर 2011. उत्तर प्रदेश में 2012 का विधानसभा चुनाव होने में कुछ ही महीनों का वक्त बचा था. लखनऊ के विक्रमादित्य मार्ग पर मौजूद समाजवादी पार्टी (एसपी) के ऑफिस में काफी गहमागहमी थी. पार्टी ऑफिस के अंदर और बाहर हजारों कार्यकर्ता मौजूद थे. समाजवादी पार्टी के रंग में रंगा ‘क्रांति रथ’ प्रदेश की सियासत में बड़ी हलचल पैदा करने के लिए पार्टी ऑफिस में तैयार खड़ा था. इस रथ यात्रा की कमान युवा एसपी नेता अखिलेश यादव के हाथों में थी, मकसद था- बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) को सत्ता से बाहर करना.









