UGC पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के फौरन बाद अखिलेश यादव ने का 5 लाइनों में आया बयान, रुख कर दिया साफ
Akhilesh Yadav reaction on the Supreme Court decision on UGC rules: यूजीसी नियमों को लेकर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला सामने आया है. कोर्ट ने नियमों पर रोक लगा दी है. अब अखिलेश यादव का बयान इसपर सामने आया है.
ADVERTISEMENT

Akhilesh Yadav on Supreme Court Decision on UGC Rules: यूजीसी नियमों पर सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल के लिए रोक लगा दी है. मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने कहा, ये नियम अस्पष्ट हैं और इनका दुरुपयोग संभव है. इसी के साथ सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने इन नियमों की मंशा और भाषा पर भी सवाल खड़े कर दिए. अब इस मामले की सुनवाई मार्च में होगी. इसी के साथ सुप्रीम कोर्ट ने मामले को लेकर केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर दिया है. इसी बीच अब समाजवादी पार्टी अखिलेश यादव का भी बयान इसपर आया है.
सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद सपा मुखिया अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया X पर अपनी बात रखी. सपा चीफ और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लिखा, सच्चा न्याय किसी के साथ अन्याय नहीं होता है, माननीय न्यायालय यही सुनिश्चित करता है.
अखिलेश यादव ने आगे लिखा, कानून की भाषा भी साफ होनी चाहिए और भाव भी. बात सिर्फ नियम नहीं, नीयत की भी होती है. इसी के साथ अखिलेश ने फिर दोहराया कि ‘न किसी का उत्पीड़न हो, न किसी के साथ अन्याय, न किसी पर जुल्म-ज्यादती हो, न किसी के साथ नाइंसाफी’.
यह भी पढ़ें...
सुप्रीम कोर्ट ने नियमों को लेकर की सख्त टिप्पणियां
सुप्रीम कोर्ट में CJI सूर्यकांत ने इन नियमों को लेकर सख्त टिप्पणियां की. उन्होंने कहा, मुझे खेद है कि प्रथम दृष्टया ये नियम अस्पष्ट हैं और इनका दुरुपयोग होने की संभावना है. प्रयुक्त भाषा भी अस्पष्ट है. उन्होंने आगे कहा,
75 वर्षों में जाति विहीन समाज की ओर बढ़ने से हमने जो कुछ भी हासिल किया है, क्या यह पीछे की ओर जाना है?
CJI सूर्यकांत ने आगे कहा, हमें जाति विहीन समाज की ओर बढ़ना चाहिए. साथ ही प्रभावित लोगों की सुरक्षा के लिए कोई प्रभावी तंत्र भी होना चाहिए. भारत की एकता हमारे शैक्षणिक संस्थानों में झलकनी चाहिए.
CJI सूर्यकांत ने नए नियमों पर टिप्पणी करते हुए आगे कहा, विश्वविद्यालय, स्कूल और कॉलेज अलग-थलग नहीं रह सकते. पूरे समाज का क्या हाल होगा. अगर कैंपस में ऐसा होता है तो कैंपस के बाहर लोग कैसा व्यवहार करेंगे?










