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संभल में पूर्व बीजेपी MLA अजीत यादव और सपा विधायक के बेटे अखिलेश यादव के बीच हाथापाई, देखती रही पुलिस!

Sambhal News: संभल में सहकारी समिति चुनाव के नामांकन के दौरान सियासी संग्राम छिड़ गया. गुन्नौर शाखा में पर्चा दाखिले के वक्त पूर्व भाजपा विधायक अजीत कुमार राजू यादव और मौजूदा सपा विधायक के बेटे अखिलेश यादव के बीच तीखी बहस के बाद जमकर मारपीट हुई. दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच हुए इस हंगामे और हाथापाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

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Sambhal Viral Video
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Sambhal News: संभल जिले में भूमि विकास सहकारी समिति के सभापति पद के नामांकन के दौरान जमकर बवाल हुआ. गुन्नौर शाखा में नामांकन दाखिले के दौरान बीजेपी और सपा समर्थक आमने-सामने आ गए. देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि पूर्व बीजेपी विधायक अजीत कुमार यादव उर्फ राजू और मौजूदा सपा विधायक राम खिलाड़ी यादव के बेटे अखिलेश यादव के बीच मारपीट शुरू हो गई. इस दौरान पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद लाठियां पटककर भीड़ को खदेड़ा जिसके बाद मामला शांत हुआ. 

कैसे शुरू हुआ विवाद?

संभल जिले की 5 सहकारी बैंक शाखाओं के लिए सुबह 10 बजे से नामांकन प्रक्रिया चल रही थी. गुन्नौर शाखा से सपा की ओर से योगेंद्र सिंह और उनकी भाभी ममता देवी ने पर्चा भरा. वहीं भाजपा समर्थित चंद्रभान सिंह भी मैदान में थे. इसी दौरान गुन्नौर से पूर्व भाजपा विधायक अजीत कुमार उर्फ राजू यादव और सपा विधायक राम खिलाड़ी यादव के बेटे अखिलेश यादव के बीच तीखी बहस शुरू हो गई.इसके बाद पूर्व भाजपा विधायक और सपा विधायक के बेटे मौके पर ही एक दूसरे पर टिप्पणी करने लगे. देखते ही देखते दोनों पक्षों का ये विवाद मारपीट में बदल गया जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई.

हंगामा भड़कते ही मौके पर मौजूद सीओ आलोक सिद्धू और भारी पुलिस बल ने मोर्चा संभाला.पुलिस ने हंगामा कर रहे समर्थकों को खदेड़ा और सुरक्षा घेरा बनाकर स्थिति को नियंत्रण में लिया. इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें सपा और बीजेपी के समर्थक आपस में लड़ते-झगड़ते नजर आ रहे हैं.

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सपा विधायक के बेटे ने लगाए ये आरोप

इस मामले में सपा विधायक के बेटे अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि पूर्व भाजपा विधायक और उनके समर्थकों ने विवाद शुरू किया था. अखिलेश यादव  का कहना है कि उन्होंने हमारे प्रत्याशियों का पर्चा छीन लिया और हम पर जानलेवा हमला किया. अखिलेश ने कहा कि 'जनता इन्हें स्वीकार नहीं कर रही है इसलिए ये बौखलाहट में पर्चा छीनने और हिंसा पर उतारू हैं.' वहीं तहसीलदार ने बताया कि नामांकन प्रक्रिया शांतिपूर्वक संपन्न हुई है और कुल तीन नामांकन आए हैं. उन्होंने बताया कि ये विवाद नामांकन दफ्तर के बाहर हुआ है और अंदर की प्रक्रिया बाधित नहीं हुई है.

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