नेपाल विमान हादसे: 10वें दिन गाजीपुर पहुंचे युवकों के शव, रोते हुए महिलाओं ने दिया कांधा

नेपाल विमान हादसे: 10वें दिन गाजीपुर पहुंचे युवकों के शव, रोते हुए महिलाओं ने दिया कांधा
फोटो - विनय कुमार सिंह

नेपाल विमान हादसे में मारे गए गाजीपुर के चार युवकों के शव मंगलवार को उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया है. सभी के शव आज ही उनके परिजनों को सौंपे गए थे. विमान हादसे के 10वें दिन चारों का अंतिम संस्कार हुआ. इस दौरान पूरे क्षेत्र में शोकाकुल माहौल था और भारी भीड़ जमा थी. करीब आधे घंटे तक घर पर शवों को अंतिम दर्शन के लिए रखने के बाद परिजन और क्षेत्रवासी जिला प्रशासन के साथ मिलकर गाजीपुर के सुल्तानपुर गंगा घाट पर लाए.

अहम बिंदु

बता दें कि 15 जनवरी को नेपाल में यती एयरलाइन्स का विमान पोखरा में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था. इस विमान में 4 क्रू मेंबर्स समेत कुल 72 लोग सवार थे. इनमें 71 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि एक अब भी लापता बताया जा रहा है.

नेपाल विमान हादसा 15 जनवरी को नेपाल के पोखरा में हुआ था. इस विमान गाजीपुर के चारों दोस्त भी सवार थे. मृतकों की पहचान 28 वर्षीय सोनू जायसवाल, 23 वर्षीय विशाल शर्मा, 28 वर्षीय अनिल राजभर और 25 वर्षीय अभिषेक कुशवाहा के रूप में हुई थी. सभी गाजीपुर के कासिमाबाद क्षेत्र के रहने वाले थे. शवों की पहचान के बाद परिजन शव को लेकर एम्बुलेंस से काठमांडू से गाजीपुर पहुंचे. इस मामले में परिजनों ने शवों के मिलने और नेपाल में हुई परेशानी पर नाराजगी व्यक्त की तो, वही जिलाधिकारी गाजीपुर आर्यका अखौरी ने बताया कि सभी शव आज सुबह गाजीपुर आ गए थे और सुल्तानपुर गंगाघाट पर अंतिम संस्कार किया जा रहा है.

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री जी ने सभी मृतक आश्रितों के परिवार को पांच ₹5 लाख की आर्थिक मदद और सोनू जायसवाल जो उसमें एक मात्र विवाहित थे, उनकी पत्नी को विधवा पेंशन की सुविधा मुहैया कराई गई है. उन्होंने परिजनों को यह भी आश्वस्त किया है कि दुख की इस घड़ी में जो भी संभव मदद होगी वह परिजनों को दी जाएगी. वहीं इस मामले में क्षेत्रीय सांसद वीरेंद्र सिंह 'मस्त' ने भी गंगाघाट पर शोक जताते हुए परिवार की हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है और कहा है कि सरकार से जो भी मदद की बात कही गई है. उसको जिम्मेदारी पूर्वक पूरा करेंगे और परिवार की जो भी मांग होगी, उस पर भी सरकार से वह बात करेंगे. फिलहाल चारों दोस्तों के शव एक साथ गंगा घाट पर विधि विधान से अंतिम संस्कार किए गए.

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