अयोध्या में 7 नवंबर को भव्य दीपोत्सव का आयोजन, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन पहली बार करेंगे भगवान राम का राजतिलक
अयोध्या में 7 नवंबर को दसवें दीपोत्सव का भव्य आयोजन किया जाएगा. इस बार उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन भगवान श्रीराम और माता सीता का राजतिलक करेंगे. इसके साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी कार्यक्रम में शामिल होंगे. दीपोत्सव के दौरान सरयू नदी के 56 घाटों पर 30 से 33 लाख दीये जलाने की तैयारी है.
ADVERTISEMENT

दीपावली के अवसर पर अगर आप भी अयोध्या जाने की सोच रहे हैं, तो अभी अपने बैग पैक कर लीजिए. क्योंकि इस बार अयोध्या अपनी पूरी भव्यता में दिखने वाली है. जानकारी के मुताबिक रामनगरी अयोध्या एक बार फिर त्रेतायुग जैसी भव्यता और दिव्यता की गवाह बनने जा रही है. 7 नवंबर को अयोध्या में दसवें दीपोत्सव का ऐतिहासिक आयोजन किया जाएगा. इस दौरान रामनगरी में आस्था, संस्कृति और आधुनिक तकनीक का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा. इस भव्य आयोजन में भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन शामिल होंगे और वह भगवान श्रीराम का राजतिलक करेंगे. इसके साथ ही इस दीपोत्सव कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी शामिल होंगे.
उपराष्ट्रपति निभाएंगे महर्षि वशिष्ठ की भूमिका
अब तक के दीपोत्सव कार्यक्रमों में भगवान श्रीराम के राजतिलक की रस्म मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पूरी करते थे. लेकिन दसवें दीपोत्सव में यह जिम्मेदारी देश के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन को सौंपी गई है. वे महर्षि वशिष्ठ की भूमिका में भगवान श्रीराम और माता सीता का राजतिलक करेंगे. इस ऐतिहासिक पल के साक्षी मुख्यमंत्री योगी और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी बनेंगे. रामकथा पार्क के मुख्य मंच पर इस भव्य राज्याभिषेक और भरत मिलाप का आयोजन किया जाएगा.
दीपोत्सव का पूरा कार्यक्रम और प्रमुख आकर्षण कुछ इस प्रकार रहेगा:
1. रामायण आधारित शोभायात्रा से शुरुआत
दीपोत्सव के इस भव्य कार्यक्रम की शुरुआत साकेत महाविद्यालय से होगी. यहां से भगवान श्रीराम के जीवन प्रसंगों पर आधारित सुंदर झांकियां और विशाल शोभायात्रा निकाली जाएगी. इस शोभायात्रा में रामायण के प्रसंगों के साथ-साथ राज्य सरकार की योजनाओं और भारतीय संस्कृति की झलक भी देखने को मिलेगी. देशभर से आए कलाकार इस दौरान लोकनृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी देंगे.
2. पुष्पक विमान से पहुंचेंगे प्रभु श्रीराम
त्रेतायुग की परंपरा को जीवंत करते हुए भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न का अयोध्या में प्रतीकात्मक आगमन पुष्पक विमान जैसे दिखने वाले हेलीकॉप्टर से होगा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और अन्य विशिष्ट अतिथि उनका भव्य स्वागत करेंगे.
3. 30 लाख दीयों से बनेगा विश्व रिकॉर्ड
सरयू नदी के तट पर बने 56 घाटों, विशेषकर राम की पैड़ी पर इस बार 30 से 33 लाख दीये सजाए जाने की तैयारी है. एक साथ इतने लाखों दीयों के प्रज्वलन से पूरी रामनगरी रोशनी से जगमगा उठेगी. इस आयोजन के जरिए अयोध्या में एक नया विश्व रिकॉर्ड भी बनाने की तैयारी है.
4. 2,147 अर्चक एक साथ करेंगे महाआरती
सरयू तट पर लक्ष्मण किला घाट से लेकर नया घाट और राम की पैड़ी तक एक भव्य महाआरती का आयोजन किया जाएगा. इसमें 2147 अर्चक और बटुक वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सामूहिक महाआरती करेंगे. इसके लिए शाम 5:20 से 5:50 बजे का समय तय किया गया है. इसके साथ ही उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन सरयू तट पर 5100 बातियों वाली विशेष महाआरती भी करेंगे.
5. लेजर शो और देशभर की लोकसंस्कृति की झलक
राम की पैड़ी पर बने विशेष मंच पर देशभर की लोकसंस्कृति का संगम देखने को मिलेगा. मथुरा का मयूर नृत्य, राजस्थान का घूमर और झारखंड के छऊ समेत कई राज्यों के 100 से अधिक कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे. इसके अलावा, सरयू तट पर लेजर प्रोजेक्शन और लाइट शो के जरिए भगवान श्रीराम के जीवन को जीवंत किया जाएगा. रामायण के प्रसंगों पर आधारित रामलीला और नृत्य-नाटिका भी इस दीपोत्सव के प्रमुख आकर्षण होंगे.
