'आदिपुरुष' को बैन करने की मांग, अयोध्या के साधु-संतों ने पीएम मोदी से लगाई ये गुहार
फोटो - सांई किरन, ट्वीटर

'आदिपुरुष' को बैन करने की मांग, अयोध्या के साधु-संतों ने पीएम मोदी से लगाई ये गुहार

‘तानाजी द अनसंग वॉरियर’ के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार पाने वाले ओम राउत की फिल्म "आदिपुरुष " टीजर रिलीज होने के साथ ही विवादो में आ गई है. विवाद की सबसे बड़ी वजह सैफ अली खान के रावण लुक को लेकर है. इसी के साथ वानर सेना के चित्रण और मां जानकी के रूप में कीर्ति सेनन और भगवान राम के रूप में प्रभास के बीच फिल्माए गए दृश्य को अयोध्या के संत अमर्यादित बता रहे हैं. साधु-संतों का कहना है कि टीजर में दिखाए गए दृश्य कौन से धार्मिक ग्रंथ में लिखे हुए हैं.

अहम बिंदु

अयोध्या के साधु-संत अब फिल्म आदिपुरुष को लेकर मांग कर रहे हैं कि इस फिल्म को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तत्काल बैन करें. बता दें कि फिल्म का टीजर अयोध्या में रिलीज किया गया था. अब अयोध्या के साधु-संत ही फिल्म पर संस्कृति से छेड़छाड़ का आरोप लगा रहे हैं.

फिल्म के टीजर के रिलीज के मौके पर कीर्ति सेनन जो इस फिल्म में मां जानकी का रूप में दिख रही हैं, उन्होने कहा था कि ऐसा यादगार रोल है मेरे लिए मुझे हमेशा हमेशा याद रहेगा. यह पिक्चर सबकों देखनी चाहिए क्योंकि यह हमारे इतिहास का बहुत अहम हिस्सा है. इसकी कहानी सबको मालूम होनी चाहिए. रामायण के जिस किरदारों को पूजने और जानने की बात फिल्म यूनिट लोग कर रहे थें, अब उसी पर सवाल खड़े हो गए हैं. अयोध्या के संतों का कहना है कि रामायण और रामचरितमानस जैसा तो इस फिल्म में कुछ है ही नहीं. जो कुछ है मर्यादा संस्कृति और सनातन धर्म का बस मजाक उड़ाना भर है.

रामजन्मभूमि के मुख्यपुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने कहा कि फिल्म में जो सब दिखाया जा रहा है वह विरोध के रूप में ही है. रावण राक्षस जरूर था लेकिन वह बहुत बड़ा विद्वान था. विद्वान होने के कारण से वह भले भेष बदल कर के सीता का हरण किया लेकिन अमर्यादित नहीं रहा. जिस प्रकार से फिल्म में उसे दिखाया जा रहा है वह बिल्कुल अमर्यादित है. टीजर को देख कर मालूम पड़ रहा है कि विदेशी आक्रांता आक्रमण कर रहा है. ऐसा जानबूझकर किया जा रहा है. मैं कहता हूं कि इस पर बैन लगाया जाए और यह जो मर्यादा का उल्लंघन है

वहीं अयोध्या के ही संत और रामदल के अध्यक्ष कल्की महाराज ने कहा कि. फिल्म के टीजर का ही नहीं बल्कि पूरी फिल्म का विरोध होना चाहिए. सबसे बड़ी बात यह है कि इसमें जिस तरह रावण को दर्शाया गया है, वह उसके आचरण से बिल्कुल विपरीत है. रावण एक प्रकांड विद्वान पंडित था और जो शिव का भक्त था. आदि पुरुष में जो रावण है वह देखने से लगता है कि यह आक्रांता है. दूसरी चीज भगवान राम और माता सीता के बीच जो संवाद दिखाया गया है वो अश्लील है. उन्होंने फिल्म पर बैन लगाने की मांग की.

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