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अखिलेश के साथ मुलाकात के बाद क्या बोले रीता बहुगुणा जोशी के बेटे मयंक? जानिए

यूपी तक

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उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 के चौथे चरण के मतदान से ठीक एक दिन पहले यानी 22 फरवरी को बीजेपी सांसद रीता बहुगुणा जोशी के…

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उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 के चौथे चरण के मतदान से ठीक एक दिन पहले यानी 22 फरवरी को बीजेपी सांसद रीता बहुगुणा जोशी के बेटे मयंक जोशी ने समाजवादी पार्टी (एसपी) चीफ अखिलेश यादव से मुलाकात की. इस मुलाकात को अखिलेश ने शिष्टाचार भेंट बताया. उन्होंने एक ट्वीट कर इस मुलाकात के बारे में जानकारी दी.

इस मुलाकात के बाद 23 फरवरी को न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत करते हुए अखिलेश यादव ने कहा, “समाजवादी पार्टी की कोशिश ज्यादा से ज्यादा लोगों को अपने साथ जोड़ने की है. मैं (रीता बहुगुणा जोशी के एसपी में शामिल होने पर) टिप्पणी नहीं कर सकता, लेकिन उनके बेटे (मयंक जोशी) ने हमसे मुलाकात की है.”

वहीं अखिलेश के साथ मुलाकात पर मयंक जोशी ने यूपी तक से बातचीत में कहा, “ऐसे कोई ग्रह-नक्षत्र बने होंगे कि हमारी मुलाकात हो गई. यह एक शिष्टाचार भेंट थी. राजनीति में एक-दूसरे के प्रतिद्वंदी हो सकते हैं, लेकिन दुश्मन नहीं.”

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उन्होंने कहा, “पहले से मुलाकात है, कल ऐसा हुआ कि समय था तो मैं जाकर मिल लिया.”

क्या मयंक जोशी समाजवादी पार्टी में जा रहे हैं या एसपी के लिए वोट मांग रहे हैं? इस पर उन्होंने कहा, “मैं तो किसी से वोट नहीं मांग रहा हूं. आज लोकतंत्र का पर्व है, लोग विकास, किसान, युवाओं और महिला सुरक्षा के नाम पर वोट डालें…मेरी उनसे (अखिलेश यादव) अच्छी मुलाकात हुई है, आज के डेट में बस इतना ही है.”

बीजेपी से टिकट न मिलने के सवाल पर मयंक जोशी ने कहा, “13 साल तक मैंने सिर्फ एक क्षेत्र (लखनऊ कैंट सीट) में काम किया. जब 2019 का उपचुनाव आया तो कहा गया कि 12 सांसद के बेटे-बेटियां टिकट मांग रहे हैं तो नहीं दे पाएंगे, आप 2022 की तैयारी करिए. मैंने 2022 की तैयारी की, लेकिन परिवारवाद की कोई परिभाषा के कारण पार्टी ने टिकट नहीं दिया.”

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उन्होंने कहा, “मुझे पता है कहां रहना है, किस विचारधारा के साथ रहना है, उसके लिए ये जरूरी नहीं है कि कोई मुझे बताए कि कहां जाना है?”

बता दें कि मयंक जोशी बीजेपी से लखनऊ कैंट विधानसभा सीट से टिकट मांग रहे थे. बीजेपी सांसद रीता बहुगुणा जोशी भी अपने बेटे के लिए पार्टी से टिकट की मांग कर रही थीं. वह अपने बेटे को टिकट दिलाने के लिए सांसद पद से इस्तीफा भी देने को तैयार हो गई थीं. हालांकि, पार्टी ने मयंक जोशी को टिकट नहीं दिया.

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