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CM सुभेंदु PA मर्डर केस में बड़ा अपडेट... CBI को कई दिनों से थी मोनू सिंह की तलाश, उसने अब किया सरेंडर

Gyanendra Singh Monu Surrender: पश्चिम बंगाल में सुभेंदु अधिकारी के पीए की हत्या के मामले में सीबीआई की रडार पर चल रहे बलिया के ज्ञानेंद्र सिंह मोनू ने अदालत में सरेंडर कर दिया है. मोनू ने यह सरेंडर एक पुराने गैंगस्टर मामले में किया है.

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Gyanendra Singh Monu Surrender
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Gyanendra Singh Monu Surrender: पश्चिम बंगाल के सीएम सुभेंदु अधिकारी के पीए मर्डर केस को लेकर CBI की रडार पर चल रहे बलिया के ज्ञानेंद्र सिंह उर्फ मोनू ने आखिरकार सरेंडर कर दिया है. हालांकि मोनू ने यह सरेंडर बलिया के एक पुराने गैंगस्टर एक्ट के मामले में कोर्ट द्वारा जारी गैर-जमानती वारंट के तहत किया है. ज्ञानेंद्र सिंह मोनू की गिरफ्तारी के लिए सीबीआई की टीम कई बार बलिया स्थित उसके घर पर दबिश दे चुकी थी. मोनू के सरेंडर करने के बाद अब इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड की जांच में तेजी आने की उम्मीद है.

गैंगस्टर के मामले में हुआ सरेंडर

ज्ञानेंद्र सिंह मोनू के वकील उसके सरेंडर की पुष्टि करते हुए बताया कि एक पुराने गैंगस्टर के मामले में बीते 25 मई को बलिया न्यायालय से मोनू के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी हुआ था. इसी अदालती आदेश के अनुपालन में आज ज्ञानेंद्र सिंह ने कोर्ट में खुद को कानून के हवाले किया है. अधिवक्ता ने यह भी स्वीकारा कि पश्चिम बंगाल में हुई हत्या के मामले में सीबीआई लगातार ज्ञानेंद्र सिंह मोनू को तलाश रही थी और कई बार उनके घर भी गई थी. वकील होने के नाते सीबीआई अधिकारियों ने उनसे भी मोनू को हाजिर कराने के लिए कहा था. कोर्ट परिसर में ज्ञानेंद्र सिंह मोनू ने दावा किया है कि बंगाल में हुई इस हत्या की वारदात में उसका कोई हाथ नहीं है.

घर से DVR उठा ले गई थी CBI

इस पूरे मामले में ज्ञानेंद्र सिंह मोनू की पत्नी ने बताया कि उन्हें सीबीआई पर पूरा भरोसा है. पत्नी के मुताबिक, सीबीआई की टीम ज्ञानेंद्र की तलाश में कई बार उनके घर आई थी और पूछताछ की थी. इस दौरान जांच अधिकारी साक्ष्य के तौर पर उनके घर में लगे सीसीटीवी कैमरे का डीवीआर भी अपने साथ ले गए हैं. गौरतलब है कि इस मर्डर केस में मुख्य आरोपी राज कुमार के साथ भी ज्ञानेंद्र सिंह उर्फ मन्नू की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुई थी जिसके बाद से वह लगातार सुरक्षा एजेंसियों की नजरों में था.

फेसबुक वीडियो से खुली थी कड़ियां

कोर्ट में समर्पण करने से पहले ज्ञानेंद्र सिंह ने अपनी फेसबुक आईडी से एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया था. वीडियो में ज्ञानेंद्र ने खुद कबूल किया था कि उसने मुकेश सिंह नाम के व्यक्ति के कहने पर एक गाड़ी खरीदी थी और उसी गाड़ी को लेकर वह कोलकाता  भी गया था. वारदात को अंजाम देने के बाद उस गाड़ी को यूपी के ही गाजीपुर जिले में लावारिस छोड़ दिया गया था.

फिलहाल, गैंगस्टर मामले में सरेंडर करने के बाद ज्ञानेंद्र सिंह मोनू को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. सूत्रों का कहना है कि पश्चिम बंगाल के इस हाई-प्रोफाइल मामले की कड़ियां जोड़ने के लिए सीबीआई जल्द ही बलिया कोर्ट में अर्जी देकर ज्ञानेंद्र सिंह मोनू को रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है ताकि हत्याकांड की पूरी साजिश का पर्दाफाश हो सके.