लेटेस्ट न्यूज़

अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन में सीएम योगी ने संविधान के इन 3 शब्दों को बताया लोकतंत्र की आत्मा

CM Yogi All India Presiding Officers Conference News: 86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन में सीएम योगी का बड़ा बयान. न्याय, समता और बंधुता को बताया लोकतंत्र की आत्मा. जानें यूपी विधानसभा के पेपरलेस होने और 'विकसित भारत' के लिए मिले 98 लाख सुझावों की पूरी जानकारी.

ADVERTISEMENT

CM Yogi
CM Yogi
social share
google news

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को राजधानी में आयोजित 86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन और विधायी निकायों के सचिवों के 62वें सम्मेलन के समापन सत्र को संबोधित किया. इस अवसर पर उन्होंने भारतीय लोकतंत्र की मजबूती का जिक्र करते हुए संविधान के तीन स्तंभों  न्याय, समता और बंधुता को 'लोकतंत्र की आत्मा' करार दिया.

लोकतंत्र की त्रिमूर्ति: न्याय, समता और बंधुता

सीएम योगी ने अपने संबोधन में कहा कि विधायिका लोकतंत्र की आधारभूत इकाई है. संविधान संरक्षक के रूप में यह न केवल विधायी कार्यों की रूपरेखा तैयार करती है, बल्कि समग्र विकास का मंच भी है. उन्होंने संविधान की प्रस्तावना के मूल शब्दों की व्याख्या कुछ इस तरह की. उन्होंने कहा कि न्याय सुनिश्चित करने वाले कानून विधायिका के मंच पर ही तैयार होते हैं. समाज के अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति तक विकास पहुँचाने वाली सरकारी योजनाओं की कार्ययोजना विधायिका में ही बनती है. सदन वह स्थान है जहां वैचारिक मतभेदों और सहमति-असहमति के बावजूद 'संवाद' के माध्यम से समन्वय स्थापित होता है, जो बंधुता का प्रतीक है.

संसदीय सुधार और यूपी विधानसभा

सीएम योगी ने अपने संबोधन में उत्तर प्रदेश विधानसभा में हुए बदलावों का विशेष जिक्र किया. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना के नेतृत्व में सदन की नियमावली में सुधार किए गए हैं. अब प्रश्नकाल में अधिक से अधिक सदस्य अपने सवाल और अनुपूरक प्रश्न पूछ पाते हैं, जिससे सदन की कार्यवाही की गुणवत्ता में सुधार हुआ है. उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप आज यूपी की विधानसभा, परिषद, कैबिनेट और बजट पूरी तरह से पेपरलेस हो चुके हैं.

यह भी पढ़ें...

'विकसित भारत' के लिए 98 लाख सुझाव

सीएम योगी ने बताया कि 'विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश' के लक्ष्य को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के 300 से अधिक सदस्यों ने सदन में लगातार 24 घंटे तक चर्चा की. इसके साथ ही, जन-संवाद के माध्यम से पोर्टल पर 98 लाख लोगों के सुझाव मिले हैं, जिन्हें IIT कानपुर के सहयोग से AI टूल के जरिए विजन डॉक्यूमेंट का हिस्सा बनाया जा रहा है.

सम्मेलन में शामिल प्रमुख व्यक्तित्व 

इस तीन दिवसीय सम्मेलन के समापन समारोह में देश की विधायी व्यवस्था के कई दिग्गज मौजूद रहे. इसमें लोकसभा स्पीकर ओम बिरला, राज्यसभा उससभापति हरिवंश, यूपी विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना, यूपी विधान परिषद सभापति कुवंर मानवेंद्र सिंह समेत अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे. सम्मेलन में विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सचिव भी शामिल हुए. 

सीएम योगी ने अंत में कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के 'ग्राम स्वराज' की परिकल्पना को साकार करना ही हमारा लक्ष्य है. भारत की विविधता के बावजूद पूरा देश 'एक भाव और एक भंगिमा' के साथ सोचता है और संसद उस सामूहिक आस्था को जोड़ने का सबसे सशक्त माध्यम है.

ये भी पढ़ें: गृहमंत्री अमित शाह होंगे यूपी दिवस 2026 के मुख्य अतिथि, सीएम योगी ने इस बीच किया ये सब