बागपत में आशमा से पूजा बनी महिला के घर में घुसकर तोड़ी गई मंदिर की मूर्तियां, किसने किया?
बागपत में हिंदू धर्म अपनाने वाली महिला का आरोप है कि पड़ोसियों ने घर में घुसकर मंदिर तोड़ा, मूर्तियां खंडित कीं और धर्म बदलने व उर्दू पढ़ने का दबाव बनाया. पीड़िता ने सीएम योगी से सुरक्षा की गुहार लगाई है जबकि पुलिस इसे बिल्ली से जुड़ा विवाद बता रही है. जानिए पूरा मामला.
ADVERTISEMENT

1/7
उत्तर प्रदेश के बागपत (ईदगाह मोहल्ले) से धार्मिक स्वतंत्रता और सुरक्षा से जुड़ा मामला सामने आया है. पीड़िता पूजा पूर्व नाम आशमा ने पड़ोसियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ से सुरक्षा की गुहार लगाई है.

2/7
गाजियाबाद की रहने वाली पूजा ने साल 2001 में मुरादाबाद के मदन पाल से अपनी मर्जी से शादी की थी. शादी के बाद उसने हिंदू धर्म अपना लिया था. पति के निधन के बाद वह बेटियों संग बागपत में रह रही है.

3/7
पीड़िता का आरोप है कि पड़ोसी सुलेमान और उसके बेटे नूर मोहम्मद को उसका हिंदू बनना पसंद नहीं था. उन्होंने घर में घुसकर शेरोंवाली मां, शिव जी और गणेश जी की मूर्तियां पटक कर तोड़ दीं.

4/7
महिला के मुताबिक, आरोपियों ने दीवार पर बनी गाय माता की तस्वीर मिटा दी. होली खेलने और दिवाली पर पटाखे फोड़ने पर 'हिंदूगर्दी नहीं चलेगी' कहकर गाली-गलौज और प्रताड़ित किया जाता है.

5/7
पीड़िता ने बताया कि उनकी छोटी बेटी पर जबरन उर्दू पढ़ने और मुस्लिम धर्म अपनाने का दबाव बनाया जा रहा था. इस टॉर्चर और खौफ की वजह से बेटी की पढ़ाई बीच में ही छुड़वानी पड़ी.

6/7
पीड़िता का कहना है कि पुलिस में शिकायत के बाद उन पर समझौते का दबाव बनाया जा रहा है. महिला ने साफ कहा कि वह किसी भी कीमत पर अपना धर्म नहीं बदलेगी और अपनी बेटियों की सुरक्षा चाहती है.

7/7
बागपत सीओ के मुताबिक शुरुआती जांच में पड़ोसियों के बीच पालतू बिल्ली को लेकर विवाद की बात सामने आई है. पुलिस का कहना है कि लगाए गए सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

