कानपुर देहात की हॉट और चर्चित अकबरपुर रनिया विधानसभा सीट पर 2027 के चुनावी रण से पहले ही सियासी पारा चढ़ गया है. इस सीट से योगी सरकार में मंत्री और दो बार की विधायक प्रतिभा शुक्ला अपने बयानों, तीखे तेवरों और पार्टी के भीतर गुटबाजी को लेकर लगातार सुर्खियों में बनी हुई हैं. डिप्टी सीएम को खरी-खोटी सुनाने और पार्टी नेताओं से विवादों के बीच क्या बीजेपी उनपर तीसरी बार दांव खेलेगी या फिर समाजवादी पार्टी के 'पीडीए' समीकरण और अन्य दावेदारों के चलते समीकरण बदलेंगे? इसे लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म है.
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मंत्री प्रतिभा शुक्ला के विवाद और उनकी मजबूत दावेदारी
प्रतिभा शुक्ला और उनके पति अनिल शुक्ल वारसी अपने बयानों के कारण हमेशा चर्चा के केंद्र में रहे हैं.
विवादित बोल और धरने: डिप्टी सीएम बृजेश पाठक को फोन पर खरी-खखरी सुनाते हुए यह कहना कि 'क्या इसीलिए तुम मंत्री बने हो?', स्थानीय सांसद देवेंद्र सिंह भोले से विवाद और थाने के सामने धरने पर बैठना उनके राजनीतिक सफर के चर्चित किस्से रहे हैं.
दावेदारी के मजबूत आधार: इतने विवादों और अंदरूनी गुटबाजी के बावजूद, वह दो बार की विधायक हैं, योगी सरकार में राज्य मंत्री हैं और महिला होने के साथ-साथ इलाके के ब्राह्मण मतदाताओं पर उनका अच्छा-खासा प्रभाव है. बीजेपी के लिए ब्राह्मण चेहरे को नजरअंदाज करना आसान नहीं होगा.
बीजेपी में अन्य दावेदार: हालांकि पार्टी के भीतर टिकट चाहने वालों की कमी नहीं है. बीजेपी जिला अध्यक्ष रेणुका सचान, राजपुर के चेयरमैन अंशु त्रिपाठी और अन्य स्थानीय नेता भी भीतरखाने अपनी जमीन तलाश रहे हैं और शीर्ष नेतृत्व के इशारे का इंतजार कर रहे हैं.
सपा-कांग्रेस में टिकट के लिए कड़ी जंग
विपक्षी खेमे में अकबरपुर रनिया सीट पर टिकट पाने के लिए बड़े चेहरों के बीच जोरदार खींचतान चल रही है.
राजा रामपाल: पूर्व सांसद और पाल समुदाय के दिग्गज नेता राजा रामपाल इस सीट पर सबसे प्रबल दावेदारों में माने जा रहे हैं. 'पीडीए' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समीकरण के तहत वह लगातार क्षेत्र में जनसंपर्क, बैठकें और रैलियां कर रहे हैं.
नीरज सिंह गौर: पूर्व विधायक और मंत्री रहे राम सिंह गौर के पौत्र नीरज सिंह गौर भी कतार में सबसे आगे हैं. पिछले विधानसभा चुनाव में उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया था और पार्टी में उन्हें अच्छे खासे वोट मिले थे.
कांग्रेस की दावेदारी: यदि यह सीट गठबंधन के तहत कांग्रेस के खाते में जाती है तो कांग्रेस जिला अध्यक्ष अमृष सिंह गौर भी अपनी मजबूत दावेदारी पेश कर रहे हैं.
बसपा की सुगबुगाहट और सबसे बड़ा सवाल
बहुजन समाज पार्टी (BSP) की तरफ से जितेंद्र सिंह गुड्डन को क्षेत्र में प्रभारी बनाया गया है और माना जा रहा है कि पार्टी उन्हीं पर दांव लगा सकती है.
अकबरपुर रनिया के इस सियासी अखाड़े में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या बीजेपी अंतर्कलह और तमाम विवादों के बाद भी प्रतिभा शुक्ला को तीसरी बार मैदान में उतारेगी या फिर विपक्ष के मजबूत चेहरे इस सीट पर बाजी मार ले जाएंगे?
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