शारदीय नवरात्र पर CM योगी की प्रदेशवासियों के नाम पाती, मातृशक्ति की सुरक्षा और सम्मान पर दिया जोर

यूपी तक

12 Oct 2026 (अपडेटेड: 12 Oct 2026, 10:25 AM)

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्र के अवसर पर प्रदेशवासियों के नाम पाती लिखकर सभी को हार्दिक मंगलकामनाएं दीं. अपने संदेश में उन्होंने मां दुर्गा की महिमा, प्रभु श्रीराम की शक्ति आराधना और नवरात्र के आध्यात्मिक महत्व का उल्लेख किया.

CM Yogi Navratri Message

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CM Yogi Navratri Message: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्र के अवसर पर प्रदेशवासियों के नाम पाती लिखकर सभी को हार्दिक मंगलकामनाएं दीं. अपने संदेश में उन्होंने मां दुर्गा की महिमा, प्रभु श्रीराम की शक्ति आराधना और नवरात्र के आध्यात्मिक महत्व का उल्लेख किया. सीएम योगी ने कहा कि यह पर्व अहंकार, दुराग्रह, आसक्ति और नकारात्मक प्रवृत्तियों पर विजय पाने की प्रेरणा देता है. उन्होंने मातृशक्ति की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को विकसित उत्तर प्रदेश के संकल्प का आधार बताया.

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मां दुर्गा ने महिषासुर का वध कर धर्म और न्याय की स्थापना की

सीएम योगी ने कहा कि मां दुर्गा ने महिषासुर का वध कर धर्म और न्याय की पुनर्स्थापना की थी. आदिशक्ति मां दुर्गा का प्राकट्य देवताओं की सामूहिक ऊर्जा से हुआ था. मां के नौ स्वरूपों में विनम्रता, साहस, शक्ति, संकल्प, न्याय और धर्म की विजय का भाव निहित है. मुख्यमंत्री ने कहा कि ममता और वात्सल्य की प्रतिमूर्ति मां जगतजननी आवश्यकता पड़ने पर चंडी का रूप भी धारण करती हैं.

लंका विजय से पहले प्रभु श्रीराम ने की थी शक्ति आराधना

मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में प्रभु श्रीराम की शक्ति साधना का प्रसंग भी साझा किया. उन्होंने कहा कि लंका विजय से पहले प्रभु श्रीराम ने मां जगतजननी की आराधना की थी. मान्यता के अनुसार, पूजा के दौरान 108 नीलकमलों में एक कम पड़ने पर प्रभु श्रीराम ने अपना नयन अर्पित करने का निश्चय किया था. मां जगतजननी ने प्रसन्न होकर उन्हें विजय का वरदान दिया था. सीएम योगी ने कहा कि नवरात्र लोगों को सज्जनता के साथ शक्ति और संकल्प का सामर्थ्य रखने की प्रेरणा देता है. यह पर्व समाज को सुरक्षित, सम्मानित और आत्मनिर्भर बनाने के संकल्प से भी जुड़ा है.

शक्तिपीठों में युवाओं की बढ़ती भागीदारी का किया उल्लेख

सीएम योगी ने मां विंध्यवासिनी, मां पाटेश्वरी और मां शाकुम्भरी जैसे प्रमुख शक्तिपीठों का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां श्रद्धालुओं की आस्था उमड़ती है. उन्होंने शक्तिपीठों में युवाओं की बढ़ती सहभागिता को नई पीढ़ी के सांस्कृतिक विरासत से जुड़ाव का प्रतीक बताया. मुख्यमंत्री के अनुसार, उत्तर प्रदेश आस्था, संस्कृति और परंपरा के पुनर्जागरण का सशक्त केंद्र बन रहा है.

मिशन शक्ति से महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तीकरण पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार बेटियों को शिक्षा, सुरक्षा और समान अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है. वर्ष 2020 में शारदीय नवरात्र के अवसर पर मिशन शक्ति अभियान शुरू किया गया था. इसका उद्देश्य नारी सुरक्षा, सम्मान और सशक्तीकरण को जनभागीदारी से जोड़ना है. सीएम योगी के मुताबिक उत्तर प्रदेश पुलिस बल में 44 हजार से अधिक महिलाएं कार्यरत हैं और पुलिस भर्ती में महिलाओं के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया गया है. इसके अलावा ऊदा देवी पासी, झलकारी बाई कोरी और रानी अवंतीबाई लोधी के नाम पर तीन महिला PAC बटालियन गठित की गई हैं.

एक करोड़ से अधिक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ीं

सीएम योगी ने मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे बालिकाओं की शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य को प्रोत्साहन मिल रहा है. उन्होंने बताया कि प्रदेश में 10 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर एक करोड़ से ज्यादा महिलाएं स्वावलंबन की नई गाथा लिख रही हैं.

मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि वे किसी बहन की सुरक्षा के लिए उसकी आवाज बनें, किसी बालिका की शिक्षा में सहयोग करें और महिलाओं के आत्मनिर्भर बनने की राह में उनका संबल बनें. उन्होंने कहा कि आदिशक्ति की आराधना तभी पूर्ण होगी, जब प्रदेश की मातृशक्ति सुरक्षित, सम्मानित और स्वावलंबी बनेगी. मातृशक्ति की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन से ही विकसित उत्तर प्रदेश के संकल्प को सिद्ध किया जा सकेगा.

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