Lucknow News: लखनऊ के लोगों के लिए एक बहुत अच्छी खबर है. शहर के ग्रीन कॉरिडोर में श्री खाटू श्याम मंदिर के पास खाली पड़ी सरकारी जमीन पर एक आधुनिक डायग्नोस्टिक सेंटर बनाया जाएगा. इस सेंटर को डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान से लिंक किया जाएगा. इसके साथ अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा संचालित मुख्य सचिव एस.पी. गोयल की अध्यक्षता वाली राज्य स्तरीय समिति ने प्रदेश के लिए प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के तहत 490.67 करोड़ रुपये की लागत वाली 71 नई परियोजनाओं को भी मंजूरी दे दी है.
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लोहिया संस्थान से जुड़ेगा डायग्नोस्टिक सेंटर
लखनऊ के ग्रीन कॉरिडोर में बनने वाले इस नए डायग्नोस्टिक सेंटर को सीधे डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान से जोड़ा जाएगा. इससे मरीजों को एक ही नेटवर्क के तहत बेहतर जांच और इलाज की सुविधा मिल सकेगी. इस प्रस्ताव को राज्य स्तर पर पास करके अब भारत सरकार के अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय को भेज दिया गया है.
पास हुईं 71 नई विकास परियोजनाएं
मुख्य सचिव एसपी गोयल ने बृहस्पतिवार को अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा संचालित पीएमजेवीके की समीक्षा बैठक में 490.67 करोड़ रुपये की लागत वाली 71 नई विकास परियोजनाओं को भी पास किया गया है. इसके तहत स्वास्थ्य, शिक्षा, पीने का पानी, साफ-सफाई, खेल, पशुपालन और पर्यटन जैसी जरूरी सुविधाएं विकसित की जाएंगी. सरकार का मानना है कि इन योजनाओं से लोगों को अच्छी सुविधाएं मिलने के साथ-साथ रोजगार के मौके भी बढ़ेंगे.
40 परियोजनाएं उद्घाटन के लिए तैयार
अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की प्रमुख सचिव संयुक्ता समद्दार ने बताया कि 40 परियोजनाएं पूरी तरह से बनकर तैयार हैं और जल्द ही इनका उद्घाटन किया जाएगा. विभाग की 32 पुरानी परियोजनाओं पर अभी काम चल रहा है, जिन्हें इसी साल पूरा कर लिया जाएगा.
लंबित परियोजनाओं को जल्द पूरा करें
मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कोर्ट या स्थानीय विवाद के कारण रुके हुए कामों को जल्दी सुलझाया जाए. जो काम पूरे हो चुके हैं, उन्हें तुरंत संबंधित विभागों को सौंप दिया जाए. उन्होंने रुके हुए उपभोग प्रमाण पत्र को भी जल्द जमा करने को कहा है, ताकि केंद्र से पैसे मिलने में रुकावट न आए.
मेरठ में कॉलेज के कार्यों का होगा मूल्यांकन
इस राज्य स्तरीय समिति की बैठक में मेरठ के राजकीय इंटर कॉलेज फलावदा को लेकर भी एक अहम निर्देश दिया गया है. समिति ने कहा है कि विद्यालय में 30 अतिरिक्त कमरों के निर्माण कार्य का जिला स्तरीय तकनीकी समिति से जांच और मूल्यांकन कराया जाएगा.
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