बेटी के इलाज की रकम से लेकर एयरपोर्ट मुआवजे तक, ग्रेटर नोएडा के PNB बैंक में फंसे लोगों के पैसे

अरुण त्यागी

• 06:23 PM • 29 Oct 2026

ग्रेटर नोएडा के सेक्टर पाई-1 स्थित पंजाब नेशनल बैंक में कथित घोटाले से खाताधारक परेशान हैं. संजय अपनी दिव्यांग बेटी के इलाज के लिए 10 लाख रुपये की FD तुड़वाने पहुंचे थे, जबकि बृजेश के परिवार को जेवर एयरपोर्ट के लिए अधिग्रहित जमीन के बदले मिले करीब 1.29 करोड़ रुपये के मुआवजे की रकम को लेकर चिंता है.

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Greater Noida PNB Scam: ग्रेटर नोएडा के सेक्टर पाई-1 स्थित पंजाब नेशनल बैंक में कथित करोड़ों रुपये के घोटाले ने कई परिवारों को आर्थिक परेशानी में डाल दिया है. किसी को अपनी जमा पूंजी वापस मिलने की चिंता है तो किसी के सामने परिवार के सदस्य के इलाज का खर्च जुटाने की चुनौती है. बैंक में कथित गड़बड़ी की जानकारी मिलने के बाद खाताधारक लगातार अपनी रकम के बारे में पूछताछ कर रहे हैं.

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मामले में दो खाताधारकों की परेशानी अलग-अलग है, लेकिन चिंता एक जैसी है. संजय अपनी दिव्यांग बेटी के इलाज के लिए 10 लाख रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट तुड़वाने बैंक पहुंचे थे. उन्हें उम्मीद थी कि जमा रकम से बेटी के इलाज का खर्च निकल जाएगा. 

दूसरी ओर, जलेबी और समोसे की दुकान चलाने वाले बृजेश के परिवार की मुश्किल बढ़ गई है. उनके परिवार को जेवर एयरपोर्ट के लिए अधिग्रहित जमीन के बदले करीब 1.29 करोड़ रुपये का मुआवजा मिला था. अब इस रकम को लेकर परिवार परेशान है.

बेटी के इलाज के लिए बैंक पहुंचे संजय, लेकिन सामने आई दूसरी परेशानी

संजय के लिए बैंक में जमा रकम सिर्फ बचत नहीं, बल्कि उनकी बेटी के इलाज का सहारा थी. उन्होंने बताया कि उनकी बेटी दिव्यांग है और उसके इलाज के लिए डॉक्टर ने पैसे मांगे थे. घर में इलाज का खर्च उठाने के लिए पर्याप्त पैसे नहीं थे इसलिए अपनी 10 लाख रुपये की FD तुड़वाने के लिए बैंक पहुंचे थे.

संजय को उम्मीद थी कि FD की रकम मिलने के बाद वह बेटी के इलाज का इंतजाम कर सकेंगे, लेकिन बैंक पहुंचने पर उन्हें कथित घोटाले की जानकारी मिली. इसके बाद उनकी चिंता और बढ़ गई. अब उनके सामने सवाल है कि बेटी के इलाज के लिए पैसे कहां से आएंगे.

संजय सिलाई का काम करके परिवार का गुजारा करते हैं. उनकी आमदनी से घर चलाना और बेटी के इलाज का खर्च उठाना चुनौतीपूर्ण है. उन्होंने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि बेटी के इलाज के लिए वह काफी चिंतित हैं. बैंक में जमा रकम नहीं मिलने की स्थिति में इलाज का इंतजाम करना उनके लिए मुश्किल हो सकता है.

मुआवजे की रकम पर संकट

दूसरी कहानी बृजेश की है, जो अपनी मां के साथ जलेबी और समोसे की दुकान चलाते हैं. इसी दुकान से उनके परिवार का खर्च चलता है. बृजेश ने बताया कि उन्होंने काफी समय पहले एक खेत खरीदा था. बाद में जमीन जेवर एयरपोर्ट के लिए अधिग्रहित की गई, जिसके बदले उनके परिवार को करीब 1 करोड़ 29 लाख रुपये का मुआवजा मिला था.

बृजेश के मुताबिक, मुआवजे की रकम उनकी मां के बैंक खाते में आई थी. परिवार ने इसमें से कुछ पैसे निकाल भी लिए थे, लेकिन बाकी रकम को लेकर उनकी चिंता बढ़ गई है.

उन्होंने बताया कि 27 अक्टूबर को वह किसी काम से बैंक से पैसे निकालने पहुंचे थे. इसी दौरान उन्हें कथित घोटाले की जानकारी मिली. उनके लिए यह परेशानी इसलिए भी बड़ी है, क्योंकि परिवार की आर्थिक सुरक्षा इसी रकम से जुड़ी हुई है. दुकान की कमाई से घर चलाने वाले बृजेश के परिवार में तीन बेटियां और दो बेटे हैं.

बेटी का जन्मदिन था, लेकिन परिवार ने नहीं मनाया

बृजेश ने अपनी परेशानी बताते हुए परिवार से जुड़ा एक और वाकया साझा किया. उन्होंने बताया कि जिस दिन यानी 27 अक्टूबर को उन्हें बैंक में कथित गड़बड़ी की जानकारी मिली, उसी दिन उनकी बेटी का जन्मदिन था.

बेटी ने पिता से केक लाने और जन्मदिन मनाने की इच्छा जताई थी, लेकिन जब उसे बैंक में जमा रकम से जुड़ी परेशानी के बारे में पता चला तो उसने खुद ही जन्मदिन मनाने से मना कर दिया.

बृजेश के मुताबिक, परिवार के लिए समय काफी मुश्किल है. एक तरफ रोजमर्रा के खर्च की जिम्मेदारी है तो दूसरी तरफ बैंक में जमा रकम को लेकर अनिश्चितता है. मुआवजे की रकम मिलने के बाद परिवार को आर्थिक सुरक्षा की उम्मीद थी, लेकिन कथित घोटाले की जानकारी ने उनकी चिंता बढ़ा दी है.

क्या है ग्रेटर नोएडा PNB बैंक का पूरा मामला?

ग्रेटर नोएडा के सेक्टर पाई-1 स्थित पंजाब नेशनल बैंक की शाखा में खाताधारकों की जमा रकम में कथित गड़बड़ी का मामला सामने आया है. आरोप है कि बैंक कर्मचारियों ने कई खाताधारकों की फिक्स्ड डिपॉजिट समय से पहले तोड़कर रकम दूसरे खातों में ट्रांसफर कर दी. कुछ खाताधारकों ने अपने खातों से लाखों रुपये गायब होने की शिकायत की है.

खाताधारकों का आरोप है कि जब वे अपनी जमा रकम की एंट्री कराने या लेनदेन का ब्योरा अपडेट कराने के लिए बैंक जाते थे तो उन्हें भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की ऑडिट चलने की बात कहकर टाल दिया जाता था. उनका कहना है कि खातों का विवरण समय पर अपडेट नहीं होने से उन्हें कथित गड़बड़ी का पता पहले नहीं चल सका.

मामला सामने आने के बाद बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय ने शाखा प्रबंधक समेत पांच कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है. शाखा में नए कर्मचारियों की तैनाती भी की गई है. बैंक अधिकारी शाखा के अंदर मामले की जांच कर रहे हैं.

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