कब शुरू हो रहा है सावन? नोट करें सभी सोमवारों की तारीख

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• 04:28 PM • 28 Jul 2026

हिंदू धर्म में सावन का महीना अत्यंत पवित्र और देवों के देव महादेव की उपासना के लिए सबसे उत्तम माना गया है. साल 2026 में सावन की शुरुआत 30 जुलाई से हो रही है, जिसका समापन 27 अगस्त को रक्षाबंधन पर होगा इस बार सावन में कुल 4 सोमवार व्रत पड़ेंगे और सावन शिवरात्रि 11 अगस्त को मनाई जाएगी.

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हिंदू धर्म में सावन का महीना अत्यंत पवित्र और फलदायी माना जाता है. यह पूरा महीना भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती को समर्पित होता है. मान्यता है कि सावन में शिवलिंग पर जल और बेलपत्र अर्पित करने व व्रत रखने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं.
 

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द्रिक पंचांग के अनुसार, साल 2026 में सावन महीने की शुरुआत 30 जुलाई 2026 (गुरुवार) से हो रही है. इस पावन महीने का समापन 27 अगस्त 2026 (गुरुवार) को श्रावण पूर्णिमा यानी रक्षाबंधन के दिन होगा.
 

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सावन माह में भगवान शिव के भक्त पवित्र नदियों से जल लाकर शिवलिंग का जलाभिषेक करते हैं. साल 2026 में कांवड़ यात्रा की अवधि 30 जुलाई 2026 से शुरू होकर 11 अगस्त 2026 तक रहेगी.
 

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सावन के सोमवार व्रत का विशेष धार्मिक महत्व होता है. इस बार सावन में कुल 4 सोमवार पड़ेंगे. पहला सोमवार- 03 अगस्त,  दूसरा सोमवार-10 अगस्त, तीसरा सोमवार- 17 अगस्त, चौथा सोमवार- 24 अगस्त को है. 
 

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सावन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को सावन शिवरात्रि मनाई जाती है. इस दिन कांवड़िए गंगाजल लाकर भगवान शिव को अर्पित करते हैं.साल 2026 में सावन शिवरात्रि 11 अगस्त 2026 (मंगलवार) को मनाई जाएगी.
 

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सावन के दिनों में सुबह स्नान के बाद साफ वस्त्र पहनकर पूजा का संकल्प लें. तांबे के लोटे से शिवलिंग पर जल, गंगाजल और कच्चा दूध चढ़ाएं. इसके बाद बेलपत्र, धतूरा, भांग, शमी के पत्ते, सफेद चंदन और आंकड़े के फूल अर्पित करें.
 

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पूजन सामग्री अर्पित करने के बाद धूप-दीप जलाएं. 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जाप करें और शिव चालीसा का पाठ करें. अंत में भगवान शिव को फल या मिठाई का भोग लगाकर आरती करें और सभी में प्रसाद वितरित करें.
 

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