चांदी और सोने के चढ़ते-गिरते भाव के बीच आया ये रुझान, Gold Silver कितना महंगा होगा जानिए
यूपी तक
• 11:36 AM • 19 Feb 2026
कमोडिटी मार्केट में सोने-चांदी की कीमतों में मची हलचल के बीच एक्सपर्ट तरुण ससंगी ने बाजार का भविष्य बताया है. अंतरराष्ट्रीय तनाव में कमी और अमेरिकी फेड रिजर्व के फैसलों के कारण सोने के ₹1.48 लाख और चांदी के ₹2 लाख तक गिरने की संभावना जताई गई है.
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कमोडिटी मार्केट में इन दिनों जबरदस्त हलचल है. 17 फरवरी को अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने-चांदी में 5% से ज्यादा की गिरावट के बाद अब निचले स्तरों से खरीदारी लौटी है. MCX पर सोना ₹1.53 लाख और चांदी ₹2.38 लाख के ऊपर कारोबार कर रही है, लेकिन क्या ये तेजी टिकेगी? आइए जानते हैं एक्सपर्ट तरुण ससंगी का विश्लेषण.


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एक्सपर्ट्स के अनुसार, ईरान के साथ जिनेवा में सकारात्मक बातचीत से जियोपॉलिटिकल तनाव कम हुआ है, जिससे 'सेफ हेवन' डिमांड घटी है. दूसरा बड़ा कारण अमेरिकी फेड रिजर्व है, जहां ब्याज दरों में कटौती की संभावना अब जुलाई तक टल गई है. जब तक दरें कम नहीं होतीं, सोने को बड़ा बूस्ट मिलना मुश्किल है.
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कमोडिटी एक्सपर्ट तरुण ससंगी के अनुसार, चांदी का शॉर्ट टर्म रुझान फिलहाल कमजोर है. अगर घरेलू बाजार में चांदी ₹2.25 लाख का महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल तोड़ती है, तो यह ₹2 लाख प्रति किलो तक गिर सकती है. नई तेजी के लिए चांदी का ₹2.31 लाख के ऊपर टिकना बेहद जरूरी है.


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सोने के भविष्य पर एक्सपर्ट का मानना है कि शॉर्ट टर्म में कीमतें ₹1.48 लाख के स्तर तक गिर सकती हैं. निवेशकों को सावधान रहने की जरूरत है क्योंकि जब तक सोना ₹1.61 लाख के ऊपर स्थिर नहीं होता, तब तक इसमें किसी बड़ी और टिकाऊ तेजी की उम्मीद कम ही है.
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कीमती धातुओं की मांग कम होने का एक कारण चीन भी है. वहां 15 से 23 फरवरी तक लूनर न्यू ईयर की छुट्टियां चल रही हैं, जिससे मार्केट वॉल्यूम कम है. मार्च में जब चीन की डिमांड वापस आएगी, तब बेस मेटल्स और सोने-चांदी में एक बार फिर बड़ी हलचल देखने को मिल सकती है.


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फिलहाल डॉलर इंडेक्स 97 के आसपास है, लेकिन इसका लॉन्ग टर्म आउटलुक कमजोर माना जा रहा है. गोल्ड और सिल्वर ETF में भी करीब 3% की तेजी देखी गई है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि साल की दूसरी छमाही (Second Half) कीमती धातुओं के लिए शानदार रहेगी, क्योंकि तब ब्याज दरों में कटौती का असर दिखने लगेगा.
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एक्सपर्ट्स का मानना है कि मार्केट फिलहाल 'बाय ऑन डिप्स' (गिरावट पर खरीदारी) की रणनीति के लिए बेहतर है. बेहतर रिटर्न के लिए निचले भावों का इंतजार करें. (नोट- यहां कोई निवेश सलाह नहीं दी गई है. सोना-चांदी या गोल्ड-सिल्वर ईटीएफ में किसी भी तरह के निवेश से पहले अपने मार्केट एक्सपर्ट और वित्तीय सलाहकारों की राय जरूर लें.)
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