ये होता है सच्चा प्यार! बबली ने बालिग होने का किया इंतजार फिर की महेश से शादी, लेकिन सब इतना आसान नहीं था
रंजय सिंह
• 10:19 AM • 04 Jan 2025
कानपुर में प्रेमिका ने बालिग होने के बाद प्रेमी संग थाने में शादी रचाई. जानें, इस अनोखी प्रेम कहानी का पूरा वाकया.
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कानपुर के घाटमपुर में रहने वाली बबली और महेश की प्रेम कहानी अनोखी है. नाबालिग होने की वजह से बबली ने शादी का फैसला टाल दिया और बालिग होने का इंतजार किया. जैसे ही 31 दिसंबर को बबली 18 साल की हुई, वह अपने प्रेमी महेश से शादी करने के लिए उसके घर पहुंच गई. इस दौरान महेश तैयार था, लेकिन परिवार ने विरोध किया. इसके बाद दोनों थाने पहुंचे और पुलिस ने उनकी शादी कराई. यह मामला पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है.


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बबली और महेश का प्रेम प्रसंग कानपुर के दो गांवों से शुरू हुआ. दोनों एक-दूसरे को बेइंतहा चाहते थे. हालांकि, नाबालिग होने के कारण शादी करना मुश्किल था. बबली को डर था कि कम उम्र में शादी करने पर पुलिस केस हो सकता है. इस चुनौती को ध्यान में रखते हुए, दोनों ने इंतजार करने का फैसला किया. यह उनके प्यार और धैर्य की एक मिसाल है.
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जैसे ही बबली बालिग हुई, वह महेश के घर पहुंच गई. अपने कपड़े भी साथ लाई, लेकिन महेश के घरवालों ने शादी से इनकार कर दिया. इस पर बबली ने वहीं धरना दे दिया. जब मामला बढ़ने लगा तो महेश के परिवार ने पुलिस को बुला लिया. यह विरोध प्रेमी जोड़े के प्यार को रोक नहीं सका.


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घाटमपुर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया. एसीपी रंजीत कुमार ने दोनों परिवारों को थाने बुलाया और मीटिंग करवाई. इस दौरान बबली और महेश अपने फैसले पर अड़े रहे. बबली ने स्पष्ट किया कि वह किसी भी स्थिति में महेश से शादी करना चाहती है.
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पुलिस ने घरवालों को समझाने के बाद शादी की अनुमति दी. थाने में बने मंदिर में बबली और महेश ने फूलों की माला पहनाई और भगवान को साक्षी मानकर शादी कर ली. इस शादी ने यह साबित किया कि सच्चे प्यार को कोई ताकत नहीं रोक सकती.


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यह अनोखी शादी कानपुर और आसपास के इलाकों में चर्चा का विषय बन गई. लोगों ने इसे सच्चे प्रेम की मिसाल कहा. वहीं, कुछ लोगों ने पुलिस के इस कदम की सराहना की, जबकि कुछ ने इसे परंपरा से हटकर बताया.
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बबली की हिम्मत और महेश की सहमति ने यह दिखाया कि प्यार में धैर्य और समर्पण कितना महत्वपूर्ण होता है. बबली का अपने फैसले पर अडिग रहना और महेश का समर्थन देना इस प्रेम कहानी को खास बनाता है.


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पुलिस ने इस मामले में न केवल एक मध्यस्थ की भूमिका निभाई, बल्कि प्रेमी जोड़े के अधिकारों का भी समर्थन किया. थाने में शादी कराना पुलिस की मानवता और संवेदनशीलता को दर्शाता है.
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