हर किसी को सिद्धि दिलाता है सुलतानपुर का बिजेथुआ महावीरन मंदिर, हनुमान जी के संजीवनी यात्रा से जुड़ी है इसकी कहानी!
यूपी तक
• 02:30 PM • 21 May 2026
Bijethua Mahaviran Mandir: सुलतानपुर में बिजेथुआ महावीरन नाम का एक प्राचीन हनुमान मंदिर है. इस मंदिर में मंगलवार और शनिवार को बहुत से लोग पूजा अर्चना के लिए आते हैं. रामायण में इस स्थान की अपनी कथा है.
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सुलतानपुर में बिजेथुआ महावीरन नाम का एक प्राचीन हनुमान मंदिर है. इस मंदिर में मंगलवार और शनिवार को बहुत से लोग पूजा अर्चना के लिए आते हैं. रामायण में इस स्थान की अपनी कथा है.


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ऐसी मान्यता है कि जब भगवान हनुमान, लक्ष्मण जी के लिए संजीवनी लाने जा रहे थे तब उन्होंने दैत्य कालनेमि को मारकर यहीं पर विश्राम किया था.
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मान्यता ये भी है कि इस दौरान हनुमान जी ने मकर कुंड में स्नान भी किया जो बिजेथुआ मंदिर के किनारे पर स्थित है.


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पौराणिक कहानियों के अनुसार, रावण ने भगवान राम के कार्य में बाधा डालने के लिए कालनेमि नाम के दैत्य को नियुक्त किया था. कुंड में स्नान करते समय एक मकरी ने हनुमान जी से कहा कि कालनेमि संत नहीं दैत्य है.
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इस मंदिर में श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएं पूर्ण होने की कामना से घंटियां चढ़ाते हैं. यहां स्थापित हनुमान जी की प्राचीन मूर्ति मंदिर की ऐतिहासिकता को दर्शाती है.


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ऐसा कहा जाता है कि मूर्ति की प्राचीनता जानने के लिए पुरातत्व विभाग ने खुदाई कराई थी. लेकिन 100 फीट से अधिक गहराई तक खुदाई के बाद भी मूर्ति के चरणों का दूसरा सिरा नहीं मिला. तभी से इस मंदिर को चमत्कारी माना जाने लगा. मूर्ति का एक पैर जमीन में धंसा होने के कारण यह हल्की तिरछी दिखाई देती है.
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ऐसे में अगर आप भी इस मंदिर में जानने की इच्छा रखते हैं तो ट्रेन के जरिए जाया जा सकता है. सुलतानपुर रेलवे जंक्शन यूपी के सभी प्रमुख शहरों जैसे लखनऊ, कानपुर और दिल्ली, जयपुर
और भोपाल जैसे अन्य राज्यों से जुड़ा हुआ है. वहीं इसके अलावा आप बस या कार के जरिए भी सुलतानपुर के बिजेथुआ महावीरन मंदिर घूमने जा सकते हैं.
( इस खबर को यूपी तक के साथ इंटर्नशिप कर रहे हर्ष पाण्डेय ने संपादित किया है.)
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