Shul Yog 2026: 14 जून से शुरू होगा खतरनाक शूल योग! इन 4 राशियों पर मंडरा रहा संकट, संभलकर उठाएं हर कदम

यूपी तक

• 08:52 AM • 31 May 2026

14 जून 2026 को बनने वाला शूल योग ज्योतिष में अशुभ और कष्टकारी माना गया है. यह योग 14 जून दोपहर 01:15 बजे से 15 जून सुबह 08:56 बजे तक प्रभावी रहेगा.

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वैदिक ज्योतिष के अनुसार 14 जून 2026 को बनने वाला शूल योग शुभ नहीं माना जाता. इस योग को बाधाओं, मानसिक बेचैनी और शारीरिक परेशानियों से जोड़कर देखा जाता है. ‘शूल’ का अर्थ कांटा या त्रिशूल की नोक होता है, इसलिए इस समय किए गए कामों में रुकावट आने की संभावना बढ़ जाती है.
 

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द्रिक पंचांग के मुताबिक यह शूल योग 14 जून 2026 को दोपहर 01 बजकर 15 मिनट से शुरू होगा और 15 जून 2026 की सुबह 08 बजकर 56 मिनट तक प्रभावी रहेगा. ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार इस अवधि में ग्रहों की स्थिति कुछ राशियों के लिए विशेष सावधानी की ओर संकेत कर रही है.
 

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मिथुन राशि के जातकों को इस दौरान मानसिक तनाव और गुस्से पर नियंत्रण रखने की जरूरत होगी. स्वभाव में चिड़चिड़ापन बढ़ सकता है, जिससे घर या कार्यस्थल पर विवाद की स्थिति बन सकती है. नए निवेश या बड़े आर्थिक फैसले लेने से बचें और वाहन चलाते समय अतिरिक्त सतर्कता बरतें.
 

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धनु राशि वालों के लिए यह समय स्वास्थ्य और आर्थिक मामलों में चुनौतीपूर्ण रह सकता है. सिरदर्द या पेट से जुड़ी परेशानियां बढ़ सकती हैं, वहीं अचानक बढ़ते खर्च बजट बिगाड़ सकते हैं. इस दौरान किसी को उधार देने से बचना बेहतर रहेगा, क्योंकि धन फंसने की आशंका बन सकती है.
 

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कन्या राशि के लोगों को कामकाज में रुकावटों का सामना करना पड़ सकता है. जो काम लगभग पूरा होने वाला होगा, उसमें अंतिम समय पर अड़चन आ सकती है. बिजनेस पार्टनर या जीवनसाथी के साथ मतभेद बढ़ने की संभावना है, इसलिए बातचीत में संयम और धैर्य बनाए रखना जरूरी होगा.
 

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मकर राशि के जातकों को इस दौरान गुप्त शत्रुओं और विरोधियों से सतर्क रहने की सलाह दी जाती है. कुछ लोग आपकी छवि खराब करने की कोशिश कर सकते हैं. यात्रा के दौरान विशेष सावधानी रखें, क्योंकि चोट या दुर्घटना की आशंका भी बनी रह सकती है. अनजान लोगों पर जल्दी भरोसा करने से बचें.
 

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शूल योग के अशुभ प्रभाव को कम करने के लिए भगवान शिव की पूजा को लाभकारी माना गया है. इस दौरान “ऊं नमः शिवाय” मंत्र का जाप करना और शिव चालीसा का पाठ करना शुभ फल देने वाला माना जाता है, क्योंकि शूल का संबंध भगवान शिव के त्रिशूल से भी जोड़ा जाता है.
 

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इसके अलावा संकटों से राहत पाने के लिए हनुमान चालीसा या बजरंग बाण का पाठ करना भी लाभदायक माना गया है. ज्योतिष के अनुसार 15 जून की सुबह 08 बजकर 56 मिनट तक बड़े फैसले, नए काम की शुरुआत या लंबी दूरी की यात्रा टालना समझदारी हो सकती है.

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