हिरासत में पिटाई का वीडियो: यूपी तक पर बोले ADG- जांच में दोषी पाई गई पुलिस तो होगा ऐक्शन

हिरासत में पिटाई का वीडियो: यूपी तक पर बोले ADG- जांच में दोषी पाई गई पुलिस तो होगा ऐक्शन
तस्वीर: यूपी तक.

यूपी में इस वक्त पिछले शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद विरोध-प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा का मामला छाया हुआ है. पुलिस जहां अबतक कानपुर, प्रयागराज, सहारनपुर समेत कई जिलों से 350 से अधिक लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है. प्रयागराज में हिंसा के एक आरोपी मोहम्मद जावेद का पूरा घर घिराया जा चुका है. कानपुर में भी ऐसे ही ऐक्शन की तैयारी की जा रही है. इस बीच पुलिसिया कार्रवाई पर काफी सवाल भी उठाए जा रहे हैं. घर तोड़ने के मामले के अलावा पुलिस हिरासत में पिटाई के एक वायरल वीडियो को लेकर भी विपक्ष सरकार पर हमलावर है. यूपी तक ने पुलिस कस्टडी में पिटाई के इस वीडियो का सच भी अपनी पड़ताल से सामने लाया है. इन सबके बीच बुधवार को यूपी तक के साथ एक्सक्लूसिव बातचीत में यूपी के एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने इन सारे मुद्दों पर पुलिस का आधिकारिक पक्ष रखा है.

सबसे पहले वायरल वीडियो की असल कहानी जान लीजिए

असल में पिछले शुक्रवार यानी 10 जून को जुमे की नमाज के बाद जब पत्थरबाज़ी हुई तो पुलिस की धर पकड़ भी शुरू हुई. कई उपद्रवियों को पुलिस ने पकड़ा, तो उसके बाद पुलिसिया बर्बता के आरोप भी सामने आने लगे. इस बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने लगा, जिसमें पुलिस बड़ी ही बेरहमी से कुछ युवकों को लाठियों से मारती नजर आई. बीजेपी के विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने इस वीडियो को शेयर कर इसे जोरदार एक्शन बताया, तो नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव ने इसकी भर्त्सना की. अब सवाल ये था कि क्या ये वायरल वीडियो सच में हालिया पत्थरबाजी की घटना के बाद हुए पुलिसिया एक्शन से जुड़ा हुआ है? अगर ऐसा है तो यह कहां का है? ये यूपी के किस जिले की पुलिस है, जो यूं लाठी पर लाठी बरसा रही है. ऐसे में यूपी तक ने इस वायरल वीडियो की पड़ताल शुरू की.

सोशल मीडिया पर इस वीडियो को सहारनपुर का बताया जा रहा था. हालांकि सहानपुर पुलिस और वहां के एसएसपी इसका खंडन कर रहे थे. सहानरपुर में हिंसा के आरोपियों के परिजनों से मुलाकात के दौरान उन्होंने यूपी तक को दावे से कहा कि वायरल वीडियो सहारनपुर का ही है. ऐसी ही एक आरोपी मेहराज़ के परिवार वालों ने वायरल वीडियो जैसा ही दूसरा वीडियो भी दिखाया. इस वीडियो में भी पुलिस बड़ी ही बेरहमी से लाठी भांज रही है. एक युवक तो ये तक कहता नजर आ रहा है कि उसका हाथ टूट गया, तो भी पुलिस उसको मारती जाती है.

वायरल वीडियो की असल पोल तब खुली जब सहारनपुर पुलिस ने आरोपियों का एक वीडियो मीडिया में जारी किया. इस वीडियो में भी कई वो चेहरे दिखे जिन्हें वायरल वीडियो में पुलिस पीट रही थी. इस पूरे मामले को ढंग से समझने के लिए आप यहां ठीक नीचे शेयर की गई वीडियो रिपोर्ट को क्लिक कर देख सकते हैं. इस रिपोर्ट में बकायदा चिन्हित करते हुए पुलिस विभाग की पोल खोली गई है.

हमने सहानरपुर के वायरल वीडियो के संबंध में एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार से बात की. उन्होंने यूपी तक से कहा, 'पहले दिन से ही यह बात साफ कर दी गई थी कि पिटाई को सभ्य समाज में स्वीकार नहीं किया जा सकता और विभाग इन चीजों की इजाजत नहीं देता. ये भी आपको पता है कि कहीं दूसरी जगहों का वीडियो कहीं दूसरी जगह का बताकर लोग शेयर करते हैं. इसकी जांच चल रही है. विभागीय जांच में गलती पाई गई तो कार्रवाई होगी.'

एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार के साथ इस पूरी बातचीत को यहां नीचे शेयर किए गए वीडियो पर क्लिक कर देखा जा सकता है.

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