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सुहागरात पर ही आधे खर्च की लिस्ट... पत्रकार प्रज्ञा मिश्रा ने बहन की हत्या करने वाले मानस की अजीब हरकतों का किया खुलासा

लखनऊ तिहरे हत्याकांड में दिव्या मिश्रा की बहन प्रज्ञा मिश्रा ने भावुक पोस्ट में पति मानस पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने तीन रिवॉल्वर, ऑटो से आने-जाने, घरेलू हिंसा और पुलिस जांच से जुड़े कई सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की.

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Pragya mishra about Manas
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लखनऊ के गोमतीनगर में ICICI बैंक के बाहर हुई दिव्या मिश्रा की हत्या का मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है. दिव्या की हत्या करने वाले उनके पति मानस ने खुद को और अपनी सगी बहन को भी गोली मारकर हत्या कर दी. ऐसे में इस मामले ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है. इस सनसनीखेज तिहरे हत्याकांड में आरोपी मानस ने मरने से पहले व्हाट्सएप स्टेटस पर अपनी पत्नी पर धोखे का आरोप लगाया था और मशहूर स्वतंत्र पत्रकार प्रज्ञा मिश्रा का नाम भी लिखा था. अब स्टेटस पर अपना नाम आने के बाद मृतका दिव्या मिश्रा की बहन प्रज्ञा मिश्रा का पहला बड़ा रिएक्शन सामने आया है. प्रज्ञा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक इमोशनल पोस्ट लिखकर अपनी बहन पर हुए जुल्मों, पति की साइको हरकतों, पुलिसिया थ्योरी पर उठे सवालों और तीन-तीन रिवॉल्वर के राज से पर्दा उठाया है.

'मम्मी को सुला दिया है झूठ बोलकर...'

प्रज्ञा मिश्रा ने बेहद इमोशनल लहजे में लिखा कि पोस्टमार्टम हाउस के फ्रीजर में पड़ी बहन दिव्या की मौत का सच वह अपनी मां को अब तक नहीं बता पाई हैं. उन्होंने लिखा 'मम्मी को दिव्या की हालत क्रिटिकल बताकर बगल में सुला दिया है.पहली बार लग रहा है कि सच कहना कितना मुश्किल होता है.'

सुहागरात पर ही आधे खर्च की शर्त और ब्लिंकिट के टमाटर पर मारपीट

प्रज्ञा ने बताया कि शादी की सुहागरात पर ही साइको पति मानस ने घर के खर्चों की लिस्ट बनाई थी और दिव्या पर आधा खर्च उठाने की शर्त रखी थी जिसे दिव्या ने स्वीकार कर लिया था. लेकिन जब दिव्या ने बीते एक साल से खर्च उठाना बंद कर दिया तो मानस की नजर में यही 'चीटिंग' बन गई. प्रज्ञा ने यह भी खुलासा किया कि ब्लिंकिट से मंगाए गए टमाटर में अगर कोई टमाटर खराब निकलता तो मानस दिव्या को यह कहकर पीटता था कि 'तूने कैसे ब्लिंकिट किया कि टमाटर खराब निकला.'

तीन-तीन रिवॉल्वर और ऑटो थ्योरी पर बड़े सवाल

प्रज्ञा मिश्रा ने घटना से जुड़े सीसीटीवी और पुलिस जांच पर सवाल उठाते हुए पूछा कि बैंक में काम करने वाले हत्यारे के पास तीन-तीन रिवॉल्वर कहां से आए? किसने उस तक यह हथियार पहुंचाए? प्रज्ञा ने दावा किया कि हत्यारा कार नहीं चला पाता था, वह ऑटो से आया था और ऑटो से ही भागा. ऐसे में सवाल उठता है कि कोई दूसरा तो इसमें शामिल नहीं था?

हाथ पर टैटू और सुधार की उम्मीद

प्रज्ञा के मुताबिक, इतनी प्रताड़ना सहने के बाद भी दिव्या भीतर ही भीतर चाहती थी कि सब कुछ ठीक हो जाए. उसने अपने हाथ पर बना मानस के नाम का टैटू भी नहीं हटवाया था और वह उसके लिए तीज का व्रत रखने वाली थी.

घर से जा रही सीसीटीवी फुटेज और हनुमान चालीसा

प्रज्ञा ने दिव्या के कुछ सीसीटीवी फुटेज भी शेयर किए जिसमें वह हाल ही में हुए एक्सीडेंट के बाद लंगड़ाकर चलती हुई दिख रही है. 20 अगस्त की दोपहर बैंक के बाहर दिव्या की हत्या करने के बाद मानस घर पहुंचा जहां उसने अपनी बीमार बहन की हत्या कर खुद को भी उड़ा लिया. जब पड़ोसियों ने दरवाजा तोड़ा तो दोनों के शव पड़े थे और कमरे में टीवी पर हनुमान चालीसा चल रही थी.

जांच पर टिकी निगाहें

प्रज्ञा मिश्रा के इन गंभीर दावों और सवालों के बाद लखनऊ ट्रिपल मर्डर केस की जांच अब और भी संवेदनशील हो गई है. पुलिस सीसीटीवी फुटेज, अवैध हथियारों के स्रोत, ऑटो चालक की भूमिका और व्हाट्सएप चैट्स को खंगाल रही है ताकि इस खौफनाक वारदात के पीछे के पूरे सच को सामने लाया जा सके.

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