संजय सिंह बोले- बीजेपी पहले ब्राह्मणों का उत्पीड़न करती है फिर घूम-घूमकर सम्मेलन करती है

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उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी गलियारों में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं. बहुजन समाज पार्टी ( बीएसपी), समाजवादी पार्टी…
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उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी गलियारों में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं. बहुजन समाज पार्टी ( बीएसपी), समाजवादी पार्टी (एसपी) और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के बाद अब आम आदमी पार्टी (AAP) भी सम्मेलनों के रेस में उतर रही है. 3 अक्टूबर से उत्तर प्रदेश में AAP चाणक्य विचार सम्मेलन से चुनावी अभियान की शुरुआत करेगी.

AAP के यूपी प्रभारी और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने चाणक्य विचार सम्मेलन को लेकर कहा, “चाणक्य निरकुंश सत्ता के खिलाफ विद्रोह के प्रतीक थे, वो एक ऐसी अर्थव्यवस्था के समर्थक थे जो आम आदमी के हित में हो, वो सत्ता के दुरुपयोग के खिलाफ थे. आज यूपी में एक ऐसी सरकार चल रही है जिसने किसी भी वर्ग को नहीं छोड़ा है. बीजेपी पहले उनका (ब्राह्मण) उत्पीड़न करती है फिर घूम-घूमकर सम्मेलन करती है. ब्राह्मण समाज के बीच में बीजेपी क्या बताएगी. ब्राह्मण समाज की 4 महिलाएं (खुशी दुबे, शांति दुबे, क्षमा दुबे और रेखा अग्निहोत्री) एक साल से ज्यादा समय से जेल में सड़ रही हैं.”

संजय सिंह ने कहा कि व्यापारी इंद्रकांत त्रिपाठी की हत्या उस समय हो गई, जब वह मुख्यमंत्री से गिड़गिड़ा रहे थे कि हमारी जान बचा लीजिए और एसएसपी हमारी हत्या कराएगा, तीन बार के विधायक रहे नृवेंद्र मिश्रा की हत्या कर दी गई, 12 वीं में पढ़ने वाले प्रभात मिश्रा का फर्जी एनकाउंटर कर दिया गया, जिसके खिलाफ एक भी एफआईआर नहीं थी, आज ब्राह्मणों को रिझाने के लिए बीजेपी प्रबुद्ध सम्मेलन कर रही है, तो उनके सच को भी हम चाणक्य विचार सम्मेलन के जरिए जनता को बताएंगे.

AAP चाणक्य विचार सम्मेलन से किस वर्ग को पार्टी से जोड़ना चाह रही है? इस सवाल के जवाब में सिंह ने कहा, “चाणक्य को किसी वर्ग से जोड़कर नहीं देखना चाहिए. चाणक्य ने अपने किसी जाति के व्यक्ति, भाई, करीबी को भारत का सम्राट नहीं बनाया था. हालांकि, चाणक्य ब्राह्मण समाज से थे, लेकिन उन्होंने कभी अपनी जाति के व्यक्ति को भारत का सम्राट नहीं बनाया था.”

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संजय सिंह ने कहा, “जय प्रकाश पाल की हत्या, हाथरस में वाल्मीकि समाज की एक बच्ची को 2 बजे रात जला दिया गया, संजीत यादव का अपहरण करने के बाद हत्या कर दी गई और ब्राह्मण समाज की खुशी दुबे का मुद्दा हमने उठाया है और आगे भी उठाते रहेंगे. अगर जातियों के नाम पर या हिंदू-मुसलमान के नाम पर उत्पीड़न होगा, तो उसका मुद्दा हम उठाएंगे. इसके साथ ही 300 यूनिट बिजली फ्री, पानी फ्री, चिकित्सा फ्री, शिक्षा फ्री, महिलाओं को सुरक्षा, किसानों को फसल का दाम, नौजवानों को नौकरी और बेरोजगारी भत्ता जैसे मुद्दें को लेकर हम जनता के बीच जाएंगे.”

स्टार प्रचारक से जुड़े सवाल के जवाब में संजय सिंह सत्ताधारी दल बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहते हैं कि बीजेपी ने यूपी के लोगों का बहुत बड़ा नुकसान किया है, आज महंगाई बढ़ गई है, प्रदेश में कानून व्यवस्था बदहाल है, आज नौजवानों को नौकरी के नाम पर लाठी और मुकदमे मिलते हैं, आज किसानों को काला कानून वापस लेने के नाम पर मवाली कहा जाता है, उन्हें खालिस्तानी कहा जाता है, उनपर मुकदमे लगाए जाते हैं, बीजेपी कितने भी बड़े स्टार प्रचारक लगा ले, लेकिन लोगों की पीड़ा फर्जी जुमलों से दूर नहीं हो सकती है.

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी को लेकर संजय सिंह ने कहा कि ओवैसी के नाम पर बीजेपी ध्रुवीकरण की राजनीति करती है, उन्हें जानबूझकर एक फैक्टर बनाया जा रहा है.

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