Mathura News: मंशा देवी मंदिर चोरी मामला,महापंचायत में फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, कमेटी गठन और कानूनी कार्रवाई का फैसला

Newzo

• 12:31 PM • 20 Jul 2026

Mathura Mansha Devi Temple Theft: गोपालपुर स्थित मां मंशा देवी मंदिर में लाखों रुपये की चोरी के बाद ग्रामीणों का आक्रोश महापंचायत में फूट पड़ा. सर्वसम्मति से नई मंदिर प्रबंधन समिति बनाने, चढ़ावे का सार्वजनिक हिसाब रखने और चोरी के दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग का फैसला लिया गया.

मंशा देवी मंदिर चोरी मामला,महापंचायत में फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, कमेटी गठन और कानूनी कार्रवाई का फैसला

मंशा देवी मंदिर चोरी मामला,महापंचायत में फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, कमेटी गठन और कानूनी कार्रवाई का फैसला

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Mathura Mansha Devi Temple Theft: गोवर्धन तहसील के जाजम पट्टी क्षेत्र स्थित गोपालपुर गांव में कुलदेवी मां मंशा मैया मंदिर में हुई चोरी की घटना को लेकर रविवार को खुटेलपट्टी में सर्वसमाज की महापंचायत आयोजित की गई.  पंचायत में बड़ी संख्या में ग्रामीणों, समाज के गणमान्य लोगों और युवाओं ने भाग लेकर घटना पर गहरा रोष व्यक्त किया तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की.

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महापंचायत की शुरुआत मां मंशा देवी की विधिवत पूजा-अर्चना से हुई. इसके बाद मंदिर के पुजारी अमित से घटना के संबंध में जानकारी ली गई. पुजारी ने दावा किया कि पूर्व में सेवा करने वाले कुछ पुजारियों द्वारा मंदिर का सामान अपने घर ले जाने की बात सामने आई है. वहीं पूछताछ के दौरान उमेश पंडा ने भी स्वीकार किया कि करीब एक किलो चांदी का मुकुट किसी अन्य व्यक्ति के पास है. 

गौरतलब है कि मंदिर से चांदी का छत्र, चांदी का मुकुट, एसी, इन्वर्टर, बड़ा घंटा, वाटर कूलर तथा नकद चढ़ावे समेत लाखों रुपये की संपत्ति चोरी होने का मामला सामने आया था, जिससे क्षेत्र के श्रद्धालुओं में भारी आक्रोश है.

महापंचायत में सामाजिक कार्यकर्ता राहुल रारह ने मंदिर की वर्तमान पुजारी व्यवस्था समाप्त कर मंदिर समिति के माध्यम से सेवा व्यवस्था लागू करने की मांग उठाई. उन्होंने अब तक मंदिर में प्राप्त चढ़ावे और खर्च का सार्वजनिक हिसाब भी प्रस्तुत करने की बात कही.बैठक में युवाओं ने कहा कि मंदिर उनकी कुलदेवी का है और अब उसकी व्यवस्था समाज स्वयं संभालेगा. वहीं बुजुर्गों ने आरोप लगाया कि वर्षों से मिलने वाले चढ़ावे का सही उपयोग नहीं हुआ, अन्यथा अब तक मंदिर का भव्य विकास हो चुका होता.

महापंचायत के अंत में सर्वसम्मति से मंदिर की नई प्रबंधन समिति गठित करने, चोरी के मामले में दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कराने तथा भविष्य में मंदिर की व्यवस्था पारदर्शी और जवाबदेह बनाने का निर्णय लिया गया. साथ ही प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग भी की गई.