अयोध्या धाम में श्रमिकों को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा सम्मानित किया गया. यह सम्मान राम मंदिर के निर्माण में उनके योगदान के लिए दिया गया. राम मंदिर के निर्माण कार्य में सेवा देने वाले श्रमिकों ने बताया कि वे सफाई, पत्थर धोने और अन्य निर्माण कार्यों में लगे हुए थे. इन श्रमिकों ने बताया कि पहले राम नाम लेने पर विरोध और संघर्ष होता था, लेकिन आज मंदिर विश्व के लिए आस्था का केंद्र बन चुका है. राष्ट्रपति का आना और उनका उद्बोधन सभी के लिए गर्व का विषय था.
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श्रमिकों ने अपने अनुभव साझा किए कि किस तरह उन्होंने धैर्य और मेहनत से मंदिर निर्माण में योगदान दिया. इस दौरान कई कामगारों को सम्मानित किया गया, जिससे वे अत्यंत खुश और गर्वित महसूस कर रहे थे. उन्होंने कहा कि यह सम्मान उनके लिए प्रेरणा का स्रोत है.
साथ ही यह भी बताया गया कि नवरात्रि के पहले दिन श्रीराम यंत्र की स्थापना एक महत्वपूर्ण धार्मिक और सांस्कृतिक घटना थी, जो मंदिर के धार्मिक महत्त्व को बढ़ाती है. श्रमिकों ने कहा कि यह उनके लिए एक बड़ी उपलब्धि है जिसे राष्ट्रपति द्वारा मान्यता मिली.
अयोध्या के लोग और श्रमिक इस अवसर पर राष्ट्रपति के उद्बोधन से प्रेरित हुए, जिन्होंने देश के धर्म और समाज के प्रति अपने दायित्वों को निभाने का संदेश दिया. यह आयोजन एक नई ऊर्जा और सकारात्मकता लेकर आया है.
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