आज रक्षाबंधन के त्यौहार पर जानिए राखी बांधने का सबसे शुभ मुहूर्त, क्या रात तक बंधवा सकते हैं Rakhi?

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• 08:39 AM • 09 Aug 2025

रक्षाबंधन 9 अगस्त को मनाया जा रहा है. जानिए राखी बांधने का सबसे शुभ मुहूर्त, सही विधि, और क्या रात में भी राखी बांधी जा सकती है? एक्सपर्ट ज्योतिषी से जानें खास टिप्स.

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Rakhi Shubh Muhurat

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Raksha Bandhan 2025: भाई-बहन के अटूट प्रेम और विश्वास का प्रतीक, रक्षाबंधन का महापर्व आज (9 अगस्त) देशभर में मनाया जा रहा है. इस साल यह त्योहार भद्रा रहित है, इसलिए बहनें पूरे दिन बिना किसी चिंता के अपने भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं. एस्ट्रो Tak के ज्योतिषी पंडित शैलेंद्र पांडेय ने इस पवित्र पर्व से जुड़े शुभ मुहूर्त, राखी बांधने की सही विधि और उससे जुड़ी महत्वपूर्ण परंपराओं के बारे में विस्तार से बताया है.

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इस साल कब है रक्षाबंधन और क्या है शुभ मुहूर्त?

पंडित शैलेंद्र पांडेय के अनुसार रक्षाबंधन का पर्व श्रावण शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है. इस बार पूर्णिमा तिथि 8 अगस्त को दोपहर 2:28 बजे शुरू होकर 9 अगस्त को दोपहर 1:24 बजे समाप्त होगी. ऐसे में उदया तिथि के अनुसार 9 अगस्त को ही रक्षाबंधन मनाना श्रेष्ठ होगा. इस साल भद्रा का कोई साया नहीं है इसलिए राखी बांधने का कोई अशुभ समय नहीं है. बहनें 9 अगस्त को सुबह से लेकर रात तक किसी भी समय अपने भाई को राखी बांध सकती हैं. हालांकि अगर कोई पूर्णिमा तिथि में ही राखी बांधना चाहता है, तो दोपहर 1:24 बजे से पहले राखी बांध लेनी चाहिए. 

राखी बांधने की सही विधि

ज्योतिषी के अनुसार राखी बांधते समय कुछ विशेष नियमों का पालन करना चाहिए, जिससे पर्व का पूर्ण फल मिले:

  • थाली तैयार करें: सबसे पहले एक थाली में रोली, चंदन, अक्षत (चावल), दही, रक्षासूत्र और मिठाई रखें. साथ ही भाई की आरती के लिए घी का एक दीपक भी रखें.
  • पूजा और अर्पण: राखी बांधने से पहले इस थाली को भगवान के सामने रखकर पूजा करें और उन्हें समर्पित करें.
  • भाई का मुख: राखी बांधने के लिए भाई को पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठाएं.
  • तिलक और आरती: सबसे पहले बहन भाई को तिलक लगाए, फिर राखी बांधे. इसके बाद भाई की आरती उतारें.
  • मिठाई खिलाएं: अंत में भाई को मिठाई खिलाकर उसकी लंबी आयु और सुख-समृद्धि की कामना करें.
  • खुला सिर: राखी बांधते और बंधवाते समय भाई और बहन, दोनों का सिर खुला नहीं होना चाहिए.

बहन को क्या उपहार नहीं देना चाहिए? 

राखी बंधवाने के बाद भाई को अपने माता-पिता और गुरुजनों का आशीर्वाद लेना चाहिए. साथ ही, अपनी बहन को सामर्थ्य के अनुसार कोई मंगलकारी उपहार देना चाहिए. उपहार में काले वस्त्र या नमकीन-तीखा खाद्य पदार्थ नहीं देना चाहिए. पंडित जी ने बताया कि यह पर्व सिर्फ एक परंपरा नहीं बल्कि भाई-बहन के प्रेम और रक्षा का एक पवित्र बंधन है. इसकी शुरुआत महाभारत काल में द्रौपदी द्वारा भगवान कृष्ण को राखी बांधने से हुई थी.

यहां नीचे वीडियो में डिटेल में देखिए ज्योतिषी पंडित शैलेंद्र पांडेय ने क्या बताया