इन 3 राशियों के लोगों पर पूरे साल रहेगा शनि की साढ़ेसाती का असर, ये उपाय आजमाएं तो मिलेगी राहत
यूपी तक
• 06:00 AM • 14 Jan 2026
साल 2026 में मेष, कुंभ और मीन राशि के जातकों पर शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव पूरे वर्ष बना रहेगा जिससे करियर, स्वास्थ्य और आर्थिक मोर्चे पर चुनौतियां आ सकती हैं. 14 जनवरी 2026 को मकर संक्रांति के अवसर पर जब सूर्य और शनि (पिता-पुत्र) का मिलन होगा तो इन राशियों के लिए कष्टों से मुक्ति पाने का विशेष अवसर बनेगा.
ADVERTISEMENT

1/8
|
14 जनवरी 2026 को मकर संक्रांति के अवसर पर एक अद्भुत खगोलीय घटना होगी. सूर्य देव अपने पुत्र शनि की राशि 'मकर' में प्रवेश करेंगे. पिता-पुत्र का यह मिलन ज्योतिष शास्त्र में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, खासकर उन राशियों के लिए जो शनि की साढ़ेसाती से जूझ रही हैं.

2/8
|
साल 2026 में मेष, कुंभ और मीन राशि के जातकों पर शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव पूरे वर्ष बना रहेगा. मकर संक्रांति का दिन इन राशियों के लिए बहुत खास है, क्योंकि इस दिन किए गए विशेष उपाय शनि के कष्टों को कम करने और शुभ फल पाने में मदद कर सकते हैं.
ADVERTISEMENT

3/8
|
मेष राशि वालों के लिए साल 2026 कठिन रह सकता है क्योंकि आप पर साढ़ेसाती का 'प्रथम चरण' शुरू हो रहा है. इसके प्रभाव से करियर और आर्थिक स्थिति में चुनौतियां आ सकती हैं. बने-बनाए काम बिगड़ सकते हैं और रिश्तों में गलतफहमियां बढ़ने की आशंका है.

4/8
|
साढ़ेसाती के प्रभाव को कम करने के लिए मकर संक्रांति पर शनि मंदिर जाएं. सरसों के तेल में काले तिल मिलाकर दीपक जलाएं और ‘ऊं प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः’ मंत्र का जाप करें. इसके बाद काले तिल या उड़द की दाल का दान करना आपके लिए कल्याणकारी होगा.
ADVERTISEMENT

5/8
|
कुंभ राशि पर शनि की साढ़ेसाती का अंतिम चरण चल रहा है, लेकिन राहु की उपस्थिति इसे और जटिल बना रही है. आपको पेशेवर मोर्चे पर बड़े उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं. आय के साधनों में रुकावट और धन लाभ में देरी आपको मानसिक तनाव दे सकती है.

6/8
|
कुंभ राशि वाले मकर संक्रांति पर 'छाया दान' जरूर करें. एक बर्तन में सरसों का तेल भरकर उसमें अपना चेहरा देखें और फिर उस तेल को किसी जरूरतमंद को दान कर दें. इसके साथ ही शनि चालीसा का पाठ करना आपके सोए हुए भाग्य को जगा सकता है.
ADVERTISEMENT

7/8
|
मीन राशि के जातकों पर साढ़ेसाती का दूसरा यानी मध्य चरण चल रहा है, जो सबसे प्रभावशाली माना जाता है. यह समय मानसिक दबाव, पारिवारिक कलह और सेहत संबंधी समस्याओं का कारण बन सकता है. पुराने रोगों के उभरने की आशंका है, इसलिए विशेष सावधानी बरतें.

8/8
|
मकर संक्रांति की सुबह काले तिल मिले पानी से स्नान करें और सूर्य देव को 'ॐ आदित्याय नमः' के साथ अर्घ्य दें. गुड़-तिल का दान करें और शाम को हनुमान जी की पूजा करें. बजरंगबली की आराधना शनि के प्रकोप से बचने का सबसे अचूक मार्ग है.
ADVERTISEMENT









