डेढ़ किलो का पत्थर अंदर कैसे घुस गया? बवासीर के इलाज के लिए नीम हकीम ने दी थी अजीबोगरीब सलाह
यूपी तक
07 Oct 2026 (अपडेटेड: 07 Oct 2026, 05:39 PM)
कानपुर के उर्सला अस्पताल में डॉक्टरों ने एक हैरान कर देने वाला ऑपरेशन किया है. बवासीर के दर्द से परेशान मरीज ने नीम-हकीम की सलाह पर गर्म पत्थर से सिकाई की, जिसके दौरान 1.5 किलो का पत्थर उसके शरीर के अंदर चला गया. एक्स-रे के बाद डॉक्टर प्रशांत मिश्रा की टीम ने जटिल सर्जरी कर पत्थर निकाला और मरीज की जान बचाई.
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कानपुर में बवासीर (पाइल्स) के असहनीय दर्द से परेशान एक मरीज ने डॉक्टर के पास जाने के बजाय नीम-हकीम की सलाह ले ली. दर्द से राहत पाने के लिए उसने पत्थर गर्म कर सिकाई शुरू की.लेकिन यह देसी नुस्खा उसके लिए जानलेवा साबित हो गया.


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गर्म पत्थर से सिकाई करने के दौरान करीब डेढ़ किलोग्राम वजनी पत्थर अनजाने में मरीज के शरीर के अंदर प्रवेश कर गया. मरीज को खुद समझ नहीं आया कि इतना बड़ा और भारी पत्थर शरीर के अंदर कैसे चला गया.
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शरीर के अंदर पत्थर जाने के बाद मरीज की हालत तेजी से बिगड़ने लगी. असहनीय दर्द के कारण उसका चलना-फिरना और बैठना तक बंद हो गया. स्थिति गंभीर होने पर परिजन उसे कानपुर के उर्सला जिला अस्पताल लेकर पहुंचे.


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अस्पताल में डॉक्टर प्रशांत मिश्रा ने शुरुआती जांच के बाद मरीज का एक्स-रे (X-Ray) कराया. एक्स-रे की रिपोर्ट देखते ही डॉक्टरों के होश उड़ गए क्योंकि रिपोर्ट में शरीर के अंदर एक विशाल पत्थर साफ नजर आ रहा था.
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शुरुआत में झिझक के कारण मरीज ने डॉक्टरों से बात छिपाई. लेकिन जब डॉक्टरों ने विस्तार से सवाल पूछे तो उसने पूरी घटना सच-सच बता दी. मामले की गंभीरता को देखते हुए डॉक्टरों ने तुरंत इमरजेंसी सर्जरी का प्लान बनाया.


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डॉक्टरों की टीम ने कई घंटों तक चले बेहद जोखिम भरे और जटिल ऑपरेशन के बाद 1.5 किलो के पत्थर को शरीर से बाहर निकाला. सही समय पर हुई इस सर्जरी से मरीज की जान बच गई और अब वह खतरे से बाहर है.
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सफल ऑपरेशन के बाद मरीज ने अस्पताल के बेड से अपनी गलती स्वीकार की और लोगों से बिना डॉक्टरी सलाह इलाज न करने की अपील की. वहीं डॉक्टरों ने भी सलाह दी है कि बवासीर जैसी समस्या में झिझक छोड़कर योग्य चिकित्सक से ही इलाज कराएं.
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