उत्तर प्रदेश में प्रजनन दर और लिंगानुपात को लेकर एक बेहद सुखद और संतुष्ट कर देने वाली खबर सामने आई है. राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS) इस बात पर मुहर लगा रहा है कि यूपी के लोग स्वास्थ्य क्षेत्र में जागरूक हो रहे हैं. NFHS के ताजा आंकड़ो के मुताबिक, यूपी में प्रजनन दर (एक महिला से उसके प्रजनन वर्षों में पैदा हुए बच्चों की औसत संख्या) 2.7 से घटकर 2.4 हो गई है. NFHS के अनुसार, यूपी में 5 साल पहले लड़कियों की संख्या 1000 पुरुषों पर 995 थी, जो अब बढ़कर 1017 हो गई है. वहीं, परिवार नियोजन के साधनों का इस्तेमाल भी यूपी में 45.5% से बढ़कर 62.4% हो गया.