विधायक राजा भइया के पिता कुंडा में समर्थकों संग धरने पर बैठे, मोहर्रम से जुड़ा है मामला

राजा भैया के पिता उदय प्रताप सिंह अपने समर्थकों संग धरने पर बैठे हैं.
राजा भैया के पिता उदय प्रताप सिंह अपने समर्थकों संग धरने पर बैठे हैं.फोटो कोलाज: यूपी तक

कुंडा से विधायक राजा भैया (Raja Bhaiya) के पिता उदय प्रताप सिंह (Uday Pratap Singh) अपने समर्थकों संग धरने पर बैठ गए हैं. असल में उदय प्रताप सिंह शेखपुर आशिक गांव में मोहर्रम के अवसर पर निर्मित गेट को हटाने की मांग कर रहे हैं, जो अबतक पूरी नहीं की गई है. मुस्लिम समुदाय के लोगों द्वारा लगाए गए गेट को न हटाए जाने से नाराज होकर राजा उदय प्रताप सिंह धरने पर बैठे हैं.

आपको बता दें कि उदय प्रताप सिंह ने शेखपुर गांव की सड़कों पर जगह-जगह लगाए गेट पर लिखे उर्दू भाषा मे शब्दों को लेकर आपत्ति जताई थी. शेखपुर में मोहर्रम का गेट बनाए जाने का विरोध किया जा रहा है. दो दिन पहले राजा उदय प्रताप ने ट्वीट कर गेट को हटाए जाने की मांग भी की थी.

तहसील कुंडा के उपजिलाधिकारी सतीश त्रिपाठी ने बताया कि मोहर्रम के त्यौहार के अवसर पर शेखपुर आशिक गांव में मस्जिद के निकट एक गेट बनाया जाता है. उनके मुताबिक इसे दसवीं मोहर्रम को हटा दिया जाता है. क्षेत्रीय विधायक राजा भैया के पिता कुंवर उदय प्रताप सिंह ने इस पर आपत्ति दर्ज कराते हुए गेट को हटाने की मांग को लेकर धरना शुरू कर दिया है. उन्होंने बताया कि सिंह से बातचीत की जा रही है. यह प्रयास किया जा रहा है कि किसी की भावनाएं न आहत हों. प्रशासन बीच का रास्ता निकालने की कोशिश कर रहा है.

धरने पर बैठे कुंवर उदय प्रताप सिंह का कहना है, ‘‘बनाए गए गेट के नीचे से गुजरने से हिन्दुओं की भावनाएं आहत होंगी इसलिए उनकी मांग है कि गेट को हटाया जाए. जब तक गेट हटाया नहीं जाता वह धरने से नहीं उठेंगे.’’ उन्होंने प्रशासन पर आरोप लगाया कि उनकी मांग पर कोई सुनवाई नहीं की जा रही है.

वहीं, दूसरे पक्ष का कहना है कि हर साल मोहर्रम के अवसर पर उदय प्रताप सिंह उनकी धार्मिक भावनाओं को आहत कर बाधा डालने का प्रयास करते हैं. गेट मस्जिद के निकट बनाया गया है, जो दसवीं मोहर्रम के बाद हटा दिया जाता है.

(भाषा के इनपुट्स के साथ)

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