30 सालों से बंद पड़ा गोरखपुर का खाद कारखाना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकार्पण के बाद 7 दिसंबर से फिर से शुरू हो गया. यह कारखाना प्रतिदिन 3,850 मीट्रिक टन यूरिया और 2,200 मीट्रिक टन लिक्विड अमोनिया का करेगा उत्पादन. हिंदुस्तान उर्वरक और रसायन लिमिटेड (HURL) के नाम से करीब 600 एकड़ क्षेत्रफल में फैले इस कारखाने को बनाने में 8600 करोड़ रुपये की लागत आई है. गोरखपुर खाद कारखाने से यूपी के साथ-साथ बिहार, पंजाब, और हरियाणा जैसे राज्यों के किसानों को मिलेगा नीम कोटेड यूरिया. ऐसी संभावना है कि खाद कारखाने के संचालन से करीब 20000 रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे.