काशी विश्वनाथ मंदिर में जाने का बना रहे प्लान, तो जान लीजिए कौनसी आरती कितने बजे होती है?

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फोटो: यूपी तक

काशी विश्वनाथ मंदिर भगवान शिव को समर्पित देश के सबसे प्रसिद्ध हिंदू मंदिरों में से एक है.

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इस मंदिर में हर साल करोड़ों की तादाद में भक्त 'भोले बाबा' के दर्शन के लिए आते हैं.

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मंदिर आने वाले भक्तों की इच्छा रहती है कि वह यहां होने वाली आरती में जरूर शामिल हों.

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ऐसे में आज हम आपको काशी विश्वनाथ मंदिर में होने वाली सभी आरतियों के बारे में विस्तार से बताएंगे.

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बता दें कि दिन की शरुआत में सबसे पहले मंगला आरती होती है. यह आरती सुबह 3-4 बजे के बीच होती है.

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मंगला आरती में शामिल होने के लिए भक्तों को रात 2:30-3:00 के बीच मंदिर में प्रवेश करने की अनुमति मिलती है.

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काशी विश्वनाथ मंदिर में दोपहर को भोग आरती की जाती है. मंगला आरती के बाद यह दिन की दूसरी आरती होती है.

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भोग आरती सुबह 11:15 से दोपहर 12:20 बजे के बीच होती है. इसमें शामिल होने के लिए भक्तों को आधे घंटे पहले मंदिर में आना होता है.

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सप्त ऋषि आरती एक प्राचीन अनुष्ठान है. अलग-अलग गोत्र से संबंधित 7 शास्त्री/पंडित/पुरोहित एक साथ इस आरती को करते हैं.

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सप्त ऋषि आरती हर शाम 7:00-8:15 के बीच होती है. भक्तों को इसमें शामिल होने के लिए आधा घंटा पहले मंदिर में आना होता है.

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श्रृंगार भोग आरती, सप्तऋषि आरती के बाद दिन की चौथी आरती होती है. श्रृंगार भोग आरती में भगवान शिव को भोजन की पेशकश की जाती है.

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यह आरती प्रतिदिन रात 9:00 बजे से 10:15 बजे के बीच की जाती है. इसमें शामिल होने के लिए भक्तों को आधे घंटे पहले मंदिर में आना होता है.

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