बांदा का वीडियो: DM ने स्कूल में बच्चों से पूछा, यूपी का CM कौन? जवाब मिला- नरेंद्र मोदी

बांदा का वीडियो: DM ने स्कूल में बच्चों से पूछा, यूपी का CM कौन? जवाब मिला- नरेंद्र मोदी
तस्वीर: यूपी तक.

सुन रहे हैं योगी जी. यहां बच्चे आपका नाम ही नहीं जानते और ये कहीं और का वीडियो नहीं है बल्कि यूपी के बांदा का ही वीडियो है. लेकिन जरा हालत देखिए नाम पूछा गया यूपी के मुख्यमंत्री का लेकिन बच्चों का जवाब आया नरेंद्र मोदी. बार-बार पूछने पर भी एक ही जवाब मिला नरेंद्र मोदी. बच्चों के इस जवाब से आप यहां शिक्षा की गुणवत्ता का अंदाजा लगा ही सकते हैं. इस खबर की शुरुआत में शेयर किए गए इस वीडियो में आप इस पूरे प्रकरण को देख सकते हैं. यह वीडियो बांदा के एक प्राइमरी स्कूल का है जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.

अहम बिंदु

इस वीडियो में आप बच्चों को पढ़ाते हुए जिन्हें देख रहे हैं, वो टीचर नहीं बल्की बांदा के डीएम अनुराग पटेल हैं. डीएम साहब ने तुर्रा गांव के प्राइमरी स्कूल का औचक निरीक्षण किया. सबसे पहले तो क्लास 5 और 6 के बच्चों को कम संख्या में देख डीएम भड़क गए, लेकिन जब बच्चों से सवाल किए गए, तो डीएम साहब के भी होश उड़ गए. सवाल कुछ और जवाब कुछ और ही मिल रहा था. एक के बाद एक डीएम बच्चों से सवाल करते रहे लेकिन इतने अतरंगी जवाब थे कि वो भी चकरा गए. इसी दौरान डीएम अनुराग पटेल ने प्रदेश के मुख्यमंत्री का नाम पूछ लिया. बच्चों ने योगी आदित्यनाथ नहीं बल्कि नरेंद्र मोदी का नाम लिया.

फिर बच्चों से 2 बार और पूछा गया. ये सोचकर कि कहीं बच्चे कन्फ्यूज तो नहीं हो गए. लेकिन बच्चे अपने जवाब को लेकर कॉन्फिडेंट थे और उन्होंने बार-बार नरेंद्र मोदी का ही नाम लिया. बच्चों का ये जवाब यहां शिक्षा की गुणवत्ता की पोल खोल रहा है. सवाल उठता है इस स्कूल के टीचर्स पर. सरकारी नौकरी करने वाले और मोटी रकम लेने वाले यहां के टीचर्स आखिर क्या ही पढ़ा रहे हैं, जो बच्चे सीएम का नाम तक नहीं बता पा रहे हैं.

बात यहीं खत्म नहीं होती है. जब बच्चों को वाइट बोर्ड पर कुछ लिखने के लिए कहा, तो डीएम साहब भी हैरान रह गए कि बच्चे ठीक से हिंदी भी नहीं लिख पा रहे थे. डीएम ने कहा कि लिखो- शाम को जल्द नींद आती है, तो बच्ची ने इतनी गलतियों भरा कुछ लिखा जो डीएम को भी समझ नहीं आया. क्लास में सिर्फ एक बच्चे को छोड़कर बाकी कोई भी सही नहीं लिख पाया.

यहां गलती इन बच्चों की नहीं है. बच्चे तो चिकनी मिट्टी की तरह होते हैं. जैसा बनाया या सिखाया जाए वैसा ही आकार ले लेते हैं. यहां सवालों के घेरे में टीचर्स हैं. जिस वक्त डीएम साहब बच्चों से सवाल कर रहे थे उस वक्त पीछे खड़े टीचर का चेहरा भी देखने लायक था. वो होता है ना जब चोरी सामने आने वाली होती है तो एक डर जो साफ चेहरे पर नजर आता है, ठीक वैसा ही डर.

जब बच्चों की क्लास खत्म हुई तो वक्त आया स्कूल के टीचर्स की क्लास का. डीएम साहब ने टीचर्स की जमकर क्लास लगा दी. डीएम ने एक महीने के अंदर शिक्षा गुणवत्ता में सुधार के निर्देश दिए हैं. अगर सुधार नहीं हुआ तो कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है. वहीं बेसिक शिक्षा अधिकारी को समय समय पर स्कूल का निरीक्षण कर शिक्षा गुणवत्ता चेक करने के निर्देश भी दिए गए हैं. यानी अब टीचर्स की अग्नीपरीक्षा शुरू हुई, जो सालों में नहीं कर पाए, वो अब एक महीने में करने का अल्टीमेटम मिल गया है.

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