राजनाथ सिंह: कांग्रेस के ब्राह्मण MLA से अपने लिए खाली करा ली सीट

राजनाथ सिंह: कांग्रेस के ब्राह्मण MLA से अपने लिए खाली करा ली सीट
बीजेपी कार्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंहफोटो: चंद्रदीप कुमार/ इंडिया टुडे

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सियासी इतिहास पर जब भी कोई बात कही जाएगी, उत्तर प्रदेश के कद्दावर नेता राजनाथ सिंह के नाम के साथ एक स्वर्णिम रिकॉर्ड खुद-ब-खुद जुड़ जाएगा। वह रिकॉर्ड है बीजेपी को अकेले दम पर लोकसभा में बहुमत का आंकड़ा हासिल करने का। 2014 के आम चुनावों में बीजेपी ने पहली बार जब लोकसभा में बहुमत का जादुई आंकड़ा छुआ, तब राजनाथ सिंह ही पार्टी अध्यक्ष थे।

राजनाथ सिंह के राजनीतिक कद का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मोदी-शाह युग से पहले जब भी बीजेपी के बी-प्लान का जिक्र होता था, तब-तब राजनाथ सिंह का नाम पीएम पद की रेस में सबसे आगे रहता था।

यह राजनाथ सिंह की मृदभाषिता और संबंधों को निभाने की कला है कि वह आडवाणी-वाजपेयी युग में भी प्रासंगिक रहे और आज मोदी-शाह युग में भी प्रासंगिक हैं। तो आज आपको राजनाथ सिंह के सियासी जीवन की कुछ ऐसी कहानियां सुनाते हैं, जो उनके लंबे और सफल सियासी जीवन के सशक्त पहलुओं का दीदार कराती हैं।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह देश के सबसे वरिष्ठ नेताओं में से एक हैं। उन्होंने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के साथ एक छात्र कार्यकर्ता के रूप में अपना राजनीतिक जीवन शुरू किया और फिर बाद में वह भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के 2 बार राष्ट्रीय अध्यक्ष भी बनें। केंद्र सरकार में गृह मंत्रालय समेत कई अन्य मंत्रालयों का चार्ज संभाल चुके राजनाथ सिंह साल 2000-2002 के बीच देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश के मुख़्यमंत्री भी रह चुके हैं।

राजनाथ सिंह के सियासी सफर पर एक नजर:

बीजेपी कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान मीडिया को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह
बीजेपी कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान मीडिया को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंहफोटो: सुबिर हलदर/ इंडिया टुडे

साल 1977 में राजनाथ सिंह सबसे पहली बार विधायक के रूप में चुने गए। साल 1983 में वह फिर यूपी बीजेपी के सचिव नियुक्त किए गए। फिर आया साल 1984। इस साल राजनाथ सिंह को उनके अब तक के राजनीतिक जीवन का एक बड़ा प्रमोशन मिला। पार्टी ने उन्हें युवा मोर्चा का उत्तर प्रदेश अध्यक्ष बना दिया था। इसके बाद वह 1986-1988 के बीच युवा मोर्चा के राष्ट्रीय महासचिव रहे।

साल 1988 में पार्टी ने उन्हें एमएलसी बनाया। और इसके बाद कल्याण सिंह की सरकार में वह शिक्षा मंत्री बनाए गए। शिक्षा मंत्री रहने के दौरान राजनाथ सिंह ने नकल विरोधी अधिनियम, वैदिक गणित को शामिल करने और इतिहास की पाठ्यपुस्तकों के विभिन्न विकृत भागों में सुधार जैसे महत्वपूर्ण निर्णय लिए थे। जिनकी आज भी चर्चा होती है।

इसके बाद साल 1994 में पार्टी ने उन्हें राज्यसभा भेजा और वह इस दौरान बीजेपी के चीफ व्हिप भी बनाए गए। साल 1997 में पार्टी ने राजनाथ सिंह को एक बार फिर से संगठन की जिमेदारी दी। इस बार उनके नाम के आगे लिखा गया प्रदेश अध्यक्ष, बीजेपी। इसके बाद राजनाथ अटल सरकार में मंत्री रहे।

फिर आया साल 2000, पार्टी ने पार्टी ने तत्कालीन यूपी सीएम रामप्रकाश गुप्त को हटाकर राजनाथ सिंह को उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाया। साल 2000 में राजनाथ सिंह का विधायकी का एक दिलचप्स किस्सा है। जब राजनाथ सिंह साल 2000 में मुख्यमंत्री बनकर यूपी पहुंचे तो उनके लिए एमएलए की सीट खाली की कांग्रेस के एक सिटिंग विधायक ने। इस विधायक का नाम था सुरेंद्र नाथ अवस्थी उर्फ पुत्तू अवस्थी। विधानसभा की सीट थी हैदरगढ़। राजनाथ सिंह ने उपचुनाव लड़ा और विधायक बनकर आए।

जब राजनाथ सिंह के लिए जेल में हुई उनके सीएम बनने की भविष्यवाणी

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री राम प्रकाश गुप्ता
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री राम प्रकाश गुप्ताफोटो: इंडिया टुडे

यह बात है साल 1976 की। यूपी की एक जेल में बंद थे चौधरी चरण सिंह की सरकार में उप-मुख्यमंत्री रहे राम प्रकाश गुप्त। इस जेल में राजनाथ सिंह भी बंद थे। उन्हें पता चला कि राम प्रकाश गुप्त हाथ की रेखाएं देखते हैं। राजनाथ सिंह ने राम प्रकाश गुप्ता को अपना हाथ दिखाया।

इसके बाद जो राम प्रकाश गुप्ता ने कहा तब वहां उपस्थित किसी को भी विश्वास नहीं हुआ। दरअसल, उन्होंने राजनाथ सिंह का हाथ पढ़कर कहा कि तुम एक दिन मुख्यमंत्री बनोगे। ठीक 24 साल बाद राम प्रकाश गुप्त की भविष्यवाणी सच निकली। और राम प्रकाश गुप्त को ही हटाकर राजनाथ सीएम बने।

इसके बाद साल 2005 में राजनाथ सिंह बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए गए और वह इस पद पर साल 2009 तक आसीन रहे। इसके बाद साल 2013-14 तक वह फिर बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे।

राजनाथ सिंह ने राष्ट्रीय अध्यक्ष के दूसरे कार्यकाल में इस बात को भाप लिया था कि देश में मोदी लहर हावी है। और इसके बाद राजनाथ मोदी के लिए रास्ता बनाते रहे। और इसके बाद जो तस्वीर देश के सामने आई वह किसी से छिपी नहीं है।

साल 2014 में राजनाथ की अध्यक्षता में लड़ा गया लोकसभा चुनाव बीजेपी के लिए अच्छे दिन ले आया था। मोदी पीएम बने तो राजनाथ को मिला गृह विभाग। और मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में आज राजनाथ सिंह रक्षा मंत्री हैं।

राजनाथ का निजी परिचय

10, जुलाई 1951 को चंदौली जिले में राम बदन सिंह और गुजरती देवी के घर राजनाथ सिंह का जन्म हुआ था। फिजिक्स से एमएससी करने वाले राजनाथ एक जमाने में अध्यापक रहे थे। 5 जून, 1971 को सावित्री सिंह से उनकी शादी हुई थी। राजनाथ सिंह के पंकज सिंह समेत 2 लड़के हैं, इसके अलावा राजनाथ सिंह की एक बेटी भी है।

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