UP चुनाव:मेरठ में क्या किसान आंदोलन से BJP का बिगड़ेगा सियासी खेल?

मेरठ में कुल 7 विधानसभा सीटें हैं. बीजेपी के पास 6 सीटें हैं और सपा के पास 1 सीट.
UP चुनाव:मेरठ में क्या किसान आंदोलन से BJP का बिगड़ेगा सियासी खेल?
नई दिल्ली में नवबंर 2017 में जय किसान आंदोलन के कार्यकर्ता किसानों की आत्महत्या के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए. फोटो: इंडिया टुडे आर्काइव

'भारत के खेल शहर' के रूप में मेरठ को जाना जाता है. मेरठ पूरे विश्व भर में खेल की सामग्री के उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है. खेल की सामग्री में इन्फ़्लेटेबल गेंद, नेट, व्यायाम के उपकरण, बॉक्सिंग के उपकरण, टॉय एंड गेम्स, खेल से संबंधित सुरक्षा उपकरण, स्पोर्ट्सवेयर, कैरम बोर्ड आदि है. भारत में जालंधर के बाद खेल की सामग्री के उत्पादन में दूसरे स्थान पर मेरठ जिला है. मेरठ में कुल 7 विधानसभा सीटें हैं.

2012 के विधानसभा चुनाव में 4 सीटों पर बीजेपी का कब्जा था, तो सपा के खाते में 3 सीटें गई थीं. 2017 के विधानसभा चुनाव में मोदी लहर में बीजेपी के खाते में 6 सीटें गई थीं. वहीं, सपा को 1 सीट से ही संतोष करना पड़ा था. विधानसभा चुनाव 2012 से 2017 में सभी विधानसभा सीटों पर तस्वीरें कैसी बदली, आइए एक नज़र डालते हैं.

मेरठ में कुल 7 विधानसभा सीटें-

  • सिवालखास विधानसभा

  • सरधना विधानसभा

  • हस्तिनापुर विधानसभा

  • किठौर विधानसभा

  • मेरठ कैंट विधानसभा

  • मेरठ शहर विधानसभा

  • मेरठ साउथ विधानसभा

सिवालखास विधानसभा

2017: विधानसभा चुनाव 2017 में यह सीट बीजेपी के खाते में गई थी. बीजेपी के जितेंद्र पाल सिंह ने 72 हजार 842 वोट पाकर सपा के गुलाम मोहम्मद को 11 हजार 421 वोटों से हराया था. रालोद के यशवीर सिंह 44 हजार 710 वोट पाकर तीसरे नंबर पर थे.

2012: विधानसभा चुनाव 2012 में इस सीट पर सपा का कब्जा था. सपा के गुलाम मोहम्मद ने 58 हजार 852 वोट पाकर रालोद के यशवीर सिंह को 3 हजार 587 वोटों से हराया था. बसपा के जगत सिंह 44 हजार 260 वोट पाकर तीसरे नंबर पर थे.

सरधना विधानसभा

2017: विधानसभा चुनाव 2017 में यह सीट बीजेपी के खाते में गई थी. बीजेपी के संगीत सिंह सोम ने 97 हजार 921 वोट पाकर सपा के अतुल प्रधान को 21 हजार 625 वोटों से हराया था. बसपा के हाफिज इमरान याकूब 57 हजार 239 वोट पाकर तीसरे नंबर पर थे.

2012: विधानसभा चुनाव 2012 में इस सीट पर बीजेपी का कब्जा था. बीजेपी के संगीत सिंह सोम ने 62 हजार 438 वोट पाकर रालोद के हाजी मोहम्मद याकूब को 12 हजार 274 वोटों से हराया था. सपा के अतुल प्रधान 48 हजार 23 वोट पाकर तीसरे नंबर पर थे.

हस्तिनापुर विधानसभा (SC)

2017: विधानसभा चुनाव 2017 में यह सीट बीजेपी के खाते में गई थी. बीजेपी के दिनेश खटीक ने 99 हजार 436 वोट पाकर बसपा के योगेश वर्मा को 36 हजार 62 वोटों से हराया था. सपा के प्रभु दयाल वाल्मीकि 48 हजार 951 वोट पाकर तीसरे नंबर पर थे.

2012: विधानसभा चुनाव 2012 में इस सीट पर सपा का कब्जा था. सपा के प्रभु दयाल वाल्मीकि ने 46 हजार 742 वोट पाकर पीस पार्टी के योगेश शर्मा को 6 हजार 641 वोटों से हराया था. कांग्रेस के गोपाल काली 39 हजार 9 वोट पाकर तीसरे नंबर पर थे.

किठौर विधानसभा

2017: विधानसभा चुनाव 2017 में यह सीट बीजेपी के खाते में गई थी. बीजेपी के सत्यवीर त्यागी ने 90 हजार 622 वोट पाकर सपा के शाहिद मंजूर को 10 हजार 822 वोटों से हराया था. बसपा के गजराज सिंह 62 हजार 503 वोट पाकर तीसरे नंबर पर थे.

2012: विधानसभा चुनाव 2012 में इस सीट पर सपा का कब्जा था. सपा के शाहिद मंजूर ने 70 हजार 15 वोट पाकर बसपा के लखीराम नागर को 11 हजार 106 वोटों से हराया था. रालोद के सत्यवीर त्यागी 34 हजार 791 वोट पाकर तीसरे नंबर पर थे.

मेरठ कैंट विधानसभा

2017: विधानसभा चुनाव 2017 में यह सीट बीजेपी के खाते में गई थी. बीजेपी के सत्य प्रकाश अग्रवाल ने 1 लाख 32 हजार 518 वोट पाकर बसपा के सतेंद्र सोलंकी को 76 हजार 619 वोटों से हराया था. कांग्रेस के रमेश धींगड़ा 39 हजार 650 वोट पाकर तीसरे नंबर पर थे.

2012: विधानसभा चुनाव 2012 में इस सीट पर बीजेपी का कब्जा था. बीजेपी के सत्य प्रकाश अग्रवाल ने 70 हजार 820 वोट पाकर बसपा के सुनील कुमार को 3 हजार 613 वोटों से हराया था. कांग्रेस के रमेश धींगड़ा 44 हजार 659 वोट पाकर तीसरे नंबर पर थे.

मेरठ शहर विधानसभा

2017: विधानसभा चुनाव 2017 में यह सीट सपा के खाते में गई थी. सपा के रफीक अंसारी ने 1 लाख 3 हजार 217 वोट पाकर बीजेपी के डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी को 28 हजार 769 वोटों से हराया था. बसपा के पंकज जौली 12 हजार 636 वोट पाकर तीसरे नंबर पर थे.

2012: विधानसभा चुनाव 2012 में इस सीट पर बीजेपी का कब्जा था. बीजेपी के डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने 68 हजार 154 वोट पाकर सपा के रफीक अंसारी को 6 हजार 278 वोटों से हराया था. कांग्रेस के डॉ. मोहम्मद युसूफ कुरैशी 31 हजार 895 वोट पाकर तीसरे नंबर पर थे.

मेरठ साउथ विधानसभा

2017: विधानसभा चुनाव 2017 में यह सीट बीजेपी के खाते में गई थी. बीजेपी के डॉ. सोमेंद्र तोमर ने 1 लाख 13 हजार 225 वोट पाकर बसपा के हाजी मोहम्मद याकूब को 35 हजार 395 वोटों से हराया था. कांग्रेस के मोहम्मद आजाद सैफी 69 हजार 117 वोट पाकर तीसरे नंबर पर थे.

2012: विधानसभा चुनाव 2012 में इस सीट पर बीजेपी का कब्जा था. बीजेपी के रविंद्र भड़ाना ने 71 हजार 584 वोट पाकर बसपा के हाजी राशिद अखलाक को 9 हजार 784 वोटों से हराया था. सपा के आदिल 49 हजार 103 वोट पाकर तीसरे नंबर पर थे.

मेरठ सहित पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में किसान आंदोलन के चलते बीजेपी नुकसान हो सकता है. इसकी आशंका को देखते हुए बीजेपी किसानों से संवाद करना शुरू कर दी हैं. 2022 के विधानसभा चुनाव परिणाम से पता चल जाएगा कि क्या बीजेपी को किसान आंदोलन से नुकसान हो होगा या नहीं.

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