अयोध्या के शशांक तिवारी ने अपनी जान देकर बचाई साथी सैनिक की जिंदगी, राष्ट्रपति भवन में कीर्ति चक्र लेते वक्त फूट-फूटकर रो पड़ी मां
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Lieutenant Shashank Tiwari: अयोध्या के वीर सपूत लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी ने उत्तर सिक्किम में उफनती नदी में कूदकर अपने अग्निवीर साथी की जान बचाई, लेकिन खुद देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दे दिया. उनकी वीरता और कर्तव्यनिष्ठा को सलाम करते हुए भारत सरकार ने मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया.
Lieutenant Shashank Tiwari: कहा जाता है कि एक सैनिक सिर्फ सीमाओं की रक्षा नहीं करता, बल्कि अपने साथियों की सुरक्षा के लिए भी हर खतरे से लड़ जाता है. कुछ सैनिक अपनी बहादुरी से ऐसी मिसाल छोड़ जाते हैं, जिन्हें देश सालों तक याद रखता है. ऐसी ही एक कहानी है उत्तर प्रदेश के अयोध्या के वीर सपूत लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी की, जिन्होंने अपने कर्तव्य को अपनी जिंदगी से भी ऊपर रखा. एक साथी सैनिक की जान बचाने के लिए उन्होंने बिना अपनी परवाह किए उफनती नदी में छलांग लगा दी और आखिरकार अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दे दिया. उनकी बहादुरी और बलिदान को सम्मान देते हुए भारत सरकार ने उन्हें मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित करने का फैसला किया. राष्ट्रपति भवन में जब उनके माता-पिता ने यह सम्मान ग्रहण किया तो वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं.
